बरेली। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग यानी नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) विधेयक पर लोकसभा में मुहर लगने के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बिल के विरोध में 24 घंटे की हड़ताल का आहन किया है। आईएमए ने बिल के विरोध में 31 जुलाई की सुबह छह बजे से एक अगस्त की सुबह छह बजे तक ओपीडी सेवा बंद रखने का निर्णय लिया है। हालांकि, इस दौरान आईसीयू व इमरजेंसी सुविधाएं संचालित रहेंगी।
मंगलवार देर शाम आईएमए पदाधिकारियों ने आईएमए की केंद्रीय कार्यकारिणी के निर्देश पर विधेयक के विरोध में हड़ताल का निर्णय लिया है। आईएमए अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र कुमार ने बताया कि एनएमसी बिल राज्यसभा में एक सप्ताह पूर्व ही पास किया जा चुका है। बिल पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होते ही ये कानून के रूप में आ जायेगा। एनएमसी विधेयक की धारा-32 हटाने की मांग की गई है। कहा, ये धारा नीम-हकीमी को वैध करने वाली है, जिससे लोगों की जान खतरे में पड़ेगी। सचिव डॉ. विनोद पागरानी ने बताया कि एनएमसी विधेयक रोगियों की सुरक्षा से समझौता करता है। यह लोकतंत्र, संघवाद और समान अवसर के संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन भी करता है। वहीं, बुधवार को आईएमए की जनरल बॉडी मीटिंग आईएमए भवन में सुबह साढ़े दस बजे होगी। जिसके बाद पदाधिकारी मांगों के समर्थन में सरकार को सम्बोधित ज्ञापन सौंपेंगे।