बरेली। कैंट के एसबीआई एटीएम से फ्राड के मामले में जिला जेल में बंद एक आरोपी मुसीबत में फंस गया है। जेल के पुराने बंदी उसे धमकाकर रुपये मांगते हैं। कोर्ट ले जाते वक्त व कच्ची हवालात में रहने के दौरान एचआईवी पीड़ित बंदी उसे धमकाते हैं, खून भरे इंजेक्शन दिखाकर डराने का भी आरोप है। बंदी की पत्नी ने डीएम को इस बारे में शिकायत देकर जांच कराने की मांग की। डीएम के निर्देश पर जेल अधीक्षक ने जेल के बाहर भी सुरक्षा बंदोबस्त पुख्ता करने के बारे में स्टाफ को चेताया है।
कैंट के भरतौल गांव निवासी दीपशिखा ने डीएम से अपने पति को बचाने की गुहार की है। बताया है कि धोखाधड़ी और अमानत में खयानत के मामले में कैंट थाने में उसके पति विजय कुमार के खिलाफ रिपोर्ट कराई गई थी। कुछ दिनों से उसका पति जेल में बंद है। जेल में कुछ पुराने बंदियों ने अपना गुट बना रखा है। वे उसके पति से कहते हैं कि जो धोखाधड़ी की है, उस रकम में से हिस्सा दो। जब उसके पति ने झूठा फंसाए जाने की बात कही तो कई बार ये बंदी जेल में उनकी पिटाई कर चुके हैं। जेल के बंदीरक्षक भी उसके पति की फरियाद नहीं सुनते। जब ये लोग तारीख पर जेल से वाहन में आते हैं या कोर्ट परिसर की कच्ची हवालात में होते हैं तो एचआईवी पीड़ित बंदी भी साथ में रहते हैं। वे अपने खून से भरा इंजेक्शन उसके पति को दिखाकर धमकाते हैं। हवालात में दौड़ाते हैं। कहते हैं कि उनकी बात नहीं मानी तो वे उसे भी एचआईवी कर देंगे। दीपशिखा का कहना था कि डीएम उसके पति की तारीख वीडियो कांफ्रेंस से कराने की व्यवस्था कर दें तो भी काफी परेशानी दूर हो जाएगी, क्योंकि जेल के अंदर के मुकाबले जेल के बाहर ज्यादा खतरा है। डीएम ने जेल अधीक्षक से तत्काल मामले की जांच कराकर संज्ञान लेने को कहा है।
दीपशिखा की शिकायत मेरे संज्ञान में आई थी। जेल के अंदर तो एचआईवी पीड़ित बंदियों का सामान्य बंदियों से मिलने का कोई मतलब नहीं, जेल के बाहर भी अब यह सुनिश्चित कराया जाएगा कि ये बंदी अलग-अलग रहें। इस बारे में स्टाफ को निर्देश दिया है। विजय को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी।- यूपी मिश्रा, जिला जेल अधीक्षक