नवाबगंज। योगी सरकार के आदेश पर ग्राम समाज की जिस एकड़ जमीन को गौशाला के लिए आरक्षित किया गया था, उस पर ग्राम प्रधान के पति ने सात फुट गहराई तक खुदाई कर उसकी मिट्टी ईंट भट्ठा मालिक को बेच दी। अपने एक तालाब के साथ खाद गोदाम को भी इसी मिट्टी से पाट लिया। गांव वालों की शिकायत पर डीएम ने जांच का आदेश दिया तो एसडीएम ने शिकायत को तो खारिज कर दिया, साथ ही पुलिस को आदेश दे दिया कि मिट्टी खोदने और उठाने में कोई व्यवधान न होने दिया जाए। गांव वालों ने इसके बाद यह मामला सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया। इसके बाद शासन से जांच का आदेश आया तो जांच करने वाले कानूनगो ने एसडीएम की भी परवाह नहीं की। जांच रिपोर्ट में साफ-साफ लिख दिया कि गौशाला की भूमि पर किया गया खनन पूरी तरह अवैध था।
लाईखेड़ा गांव में ग्राम समाज की 121 बीघा भूमि खाली पड़ी है। प्रदेश सरकार के आदेश पर डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने एसडीएम को इसी जमीन में से एक एकड़ जमीन गौशाला के लिए चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। राजस्व टीम ने गांव में पैमाइश करने के बाद एक एकड़ जमीन गौशाला के लिए आरक्षित कर दी। ऐन इसके बाद ग्राम प्रधान गोमती देवी के पति पूरनलाल ने आरक्षित जमीन पर जेसीबी लगाकर खनन शुरू करा दिया। खनन से निकली मिट्टी का गांव के ही चंद्रपाल के अलावा ईंट भट्ठा मालिक जगदीश के हाथों लाखों रुपये में सौदा कर दिया गया। लाखों रुपये की मिट्टी से अपना तालाब और एक खाद गोदाम भी पाट दिया। गांव के लोगों ने अवैध खनन का विरोध किया तो ग्राम प्रधान ने एसडीएम का आदेश उनके सामने रख दिया।
अवैध खनन की शिकायत इसके बाद गांव के मुन्नालाल ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की। बीडीओ नवाबगंज ने जांच कराने की संस्तुति करके रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी। एसडीएम अरुणमणि तिवारी ने अवैध खनन रोकने के बजाय सरकारी भूमि से खनन कर मिट्टी उठाने के आदेश दे दिए। इसके बाद आईजीआरएस से शिकायत जांच कराने के लिए एसडीएम के पास पहुंची तो उन्होंने तहसीलदार आनंद कुमार तिवारी को जांच सौंप दी। बुधवार को तहसीलदार के आदेश पर कानूनगो मोहन स्वरूप और हलका लेखपाल गंगाराम ने गांव जाकर भूमि की पैमाइश की तो अवैध खनन की शिकायत सही पाई गई। राजस्व टीम ने ग्राम प्रधान और कई गांव वालों के बयान भी दर्ज किए। बृहस्पतिवार को राजस्व टीम ने जांच रिपोर्ट तहसीलदार को सौंपेगी।
जांच में शिकायत कर्ता की शिकायत सही पाई गई है। एक एकड़ गौशाला की भूमि से छह से सात फुट तक जेसीबी से मिट्टी का खनन किया गया है। 21 दिन जेसीबी मशीन चली है जिससे ग्राम प्रधान ने अपना बीघा का तालाब पाटा है। एक खाद गोदाम और भट्ठा मालिक को भी मिट्टी बेची है। ग्राम प्रधान ने बडे़ पैमाने पर मिट्टी का खनन कराकर राजस्व की भारी क्षति की है। - हरस्वरूप, कानूनगो