फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां चंद्रघंटा के पूजन से होता है मन निर्मल और तन बलिष्ठ

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। श्री वैष्णो देवी बुआदाती संकीर्तन मंडल के तत्वाधान में झिड़ीधाम आश्रम में चल रहे शतचंडी महायज्ञ के तीसरे दिन चालीस पाठ और तीन महायज्ञ पूर्ण कराते हुए मां चंद्रघंटा का विधि विधान से आह्वान किया गया। व्यासाचार्य राजेंद्र त्रिपाठी ने सहयोगी आचार्य हर्षित पंत, गिरीश पंत, कृष्णा जोशी के माध्यम से पुण्य वाचन कर्म से जगत के कल्याण का अनुष्ठान कराकर दुख निवारण सरोवर का पूजन किया।
विज्ञापन

सतगुरु महाराज रामनाथ अरोड़ा ने मां चंद्रघंटा की आराधना का महत्व बताते हुए कहा, जैसे घंटा बजने से दिशाएं निर्मल होती हैं वैसे ही चंद्रघंटा मां की आराधना से मन निर्मल और तन बलिष्ठ होता हैं। सुबह अनुष्ठान के दौरान बारिश से समूचा परिसर जलमग्न हो गया था, लेकिन अनुष्ठान विधि विधान से चलता रहा। मुख्य यजमान सुरेंद्र खत्री, रीटा खत्री, विनय मेहरोत्रा, गुड़िया मेहरोत्रा ने पूजन अर्चन किया। मंडल प्रचार समिति के राजीव साहनी और जगदीश भाटिया ने बताया कि आश्रम में एक्यूप्रेसर विधि से दर्द निवारण के लिए निशुल्क उपचार किया जा रहा है। जरूरतमंद उपचार का लाभ ले सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें