बरेली। पाकिस्तानी की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट मोहम्मद इजाज उर्फ कलाम को आईएसआई को एजेंट सुब्हानी ने हिंदुस्तान भिजवाया था। उसने इजाज को बहन की शादी कराने और हर महीने 80 हजार रुपये की रकम तथा आईएसआई का अफसर बनने का सपना दिखाया था।
एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक 2012 में फोटोग्राफर इजाज का पूरा परिवार उसकी बहन की शादी के लिए रुपये न होने पर परेशान था। इसी बीच उसकी मुलाकात सुब्हानी से हुई। सुब्हानी ने उसे जाल में फंसाने के लिए आर्थिक मदद करनी शुरू कर दी। इजाज के ऊपर पूरा विश्वास हो जाने पर सुब्हानी ने उसके सामने अपना प्रस्ताव रखकर आईएसआई आफीसर सलीम से मुलाकात करा दी। सुब्हानी का काम ही यही है। वह इस्लामाबाद में नई उम्र के लड़कों को फंसाकर आईएसआई से जोड़ देता है। सुब्हानी ने इजाज को मिशन पर जाने से पहले बताया था कि तीन साल बाद तुमको वापस बुला लिया जाएगा। तुम यह समझो कि आईएसआई अफसर बन गए हो। लौटने के बाद तुमको पाकिस्तान में काम करना होगा। इजाज को आईएसआई से जोड़ने के लिए भी सुब्हानी को अच्छी खासी रकम मिली थी। आईएसआई कैंप में नौ महीने की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद करांची के ढाका होकर नदी के जरिए इरफान ने हिंदुस्तान भेजा था।
इजाज की प्रेमिका का मोबाइल बंद
बरेली। इजाज के पकड़े जाने के बाद उसकी प्रेमिका का मोबाइल बंद हो गया है। जबकि इससे पहले वह अक्सर उसे फोन करती थी। शहर के एक शादी समारोह में मुलाकात होने पर लड़की ने इजाज का फोन नंबर लेकर उसे कॉल करनी शुरू कर दी थी। शुरू में तो इजाज ने उससे बात की, लेकिन पत्नी के गर्भवती होने के बाद वह अपने परिवार का सपना भी देखने लगा था। इजाज को अपनी पत्नी आसमा से लगाव हो गया था। वह जेल से छूटने के बाद आसमा के साथ ही रहने की बात कर रहा है।
लैपटॉप और मोबाइल डॉटा खोलेगा बड़ा राज
बरेली। एसटीएफ को इजाज से मिलेेेे लैपटॉप और मोबाइल का डाटा रिकवर कराने के लिए उसे सेंट्रल लैब भेज दिया है। पुराना डाटा रिकवर होने पर कोई बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है। इस्लामाबाद की गली सी-3/1 के मकान नंबर-32 में छोटे से मकान में रहने वाले इजाज को फोटोग्राफी में माहिर होेने पर ही आईएसआई ने चुना था। पकड़े जाने के बाद उसके पास से यूपी के सेना हेडक्वाटरों में नौकरी करने वाले कर्मचारियों, एंटी टैंक मिसाइल, वेपन सिस्टम , सेना के रेडियो डाईग्राम, वाहनों की संख्या,आदि जानकारियां इजाज के पास मिली हैं। उसके लैपटॉप और मोबाइल का पुराने डाटा रिकवर होने से यह पता लग जाएगा कि उसने पाकिस्तान को और क्या-क्या भेजा है।
इस तरह होगी पाकिस्तानी होने की पुष्टि
मेरठ पुलिस ने इजाज के कानूनी तौर पर पाकिस्तानी होने की पुष्टि करने के लिए कोर्ट से उसके भाई से बात करने की इजाजत मांगी है। भाई से बात होने के बाद यह बात साबित करना आसान हो जाएगा। हालांकि पुलिस के पास पहले ही इजाज के पाकिस्तानी होने का पुख्ता सुबूत हैं। इजाज एसटीएफ की बरेली इकाई के सहयोग से पकड़ा गया। गिरफ्तारी की फर्द में बरेली एसटीएफ इकाई के प्रभारी अजय कुमार यादव, हेड कांस्टेबल राशिद हुसैन आदि का भी नाम है।