बरेली में सन क्वांटिटेटिव एप से डॉलर में निवेश कराने के नाम पर ठगों ने कैश लेकर खुद कथित रूप से डॉलर खरीद एप में ट्रांसफर कर दिए। कैश लेकर निवेश कराने के दौरान ऐसे लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया जोकि नेटबैंकिंग या यूपीआई का उपयोग नहीं करते। तीसरे दिन जब लोग अपना रिटर्न कैश में ही वापस लेने पहुंचे तब उनको ठगे जाने का पता चला। ठग जोकि गली में काउंटर खोलकर बैठे थे, भाग चुके थे।
बृहस्पतिवार को इस मामले में एसएसपी कार्यालय शिकायत लेकर पहुंचे पतंग कारोबारी फरमुद्दीन व अन्य लोगों ने बताया कि कैश लेने के लिए आरोपी रमजानी ने अपने लड़के बिठा दिए थे। ऐसे में जेवर गिरवी रख या अपने पास से कैश लेकर निवेश उन्होंने कराया। लोगों को बताया गया कि कैश लेकर वह अपने पास मौजूद डॉलर आपको दे रहे। यह डॉलर भी सीधे एप में डाले गए। कंपनी एप बंद कर भागी तो इन डॉलर को भी बेचना संभव नहीं हुआ। इसके बाद ही पता चला कि एप में जिसे डॉलर बताया गया। उसकी कोई वैल्यू नहीं है।
घुंसा के फरमुद्दीन का कहना है कि बाकरगंज हादसे में काम ठप हो गया था। इसके बाद से कमाई बंद हो गई थी। मजदूरों को भी पैसा देने के लिए नहीं था। ऐसे में सोचा था कि यहां से जो रिटर्न आएगा। उससे मजदूरों को पैसा दे देंगे। अब पूरा डेढ़ लाख रुपया डूब गया। तिलियापुर के कमर अली ने भी रिटर्न के लालच में 22000 रुपये लगाए थे। उनका पैसा ही अब डूब गया है। वह भी अपना पैसा वापस पाने के लिए भटक रहे हैं।
तीन दिन गुजरे नहीं दर्ज हो पाया मामला
ठगी के शिकार लोग बृहस्पतिवार को अपनी शिकायत लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे। एसएसपी अनुराग आर्य के कार्यालय में नहीं होने की वजह से उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। ऐसे में तीन दिन बाद भी इस ठगी के मामले में पुलिस मुकदमा तक दर्ज नहीं कर सकी है। यह उस समय है जबकि ठगी के शिकार लोग तहरीर भी पुलिस को दे चुके हैं। एसएसपी का कहना है कि शिकायतकर्ताओं से संपर्क किया जा रहा है जिससे मामले की जांच कर कार्रवाई हो सके।