पिता के शव को निहारते रहे बेटा-बेटी
हवलदार मनदीप सिंह की पुत्री गुरलीन कौर गुमसुम दिखी। उसका छोटा भाई अगमप्रीत आंखों में आंसू लिए अपने पिता के ताबूत को निहार रहा था। पास में अपनी मां की दायीं तरफ खड़ी बेटी गुरलीन अपने पिता की तस्वीर को हाथ में लिए थी। कभी वह अपने पिता की तस्वीर को निहार रही थी तो कभी अपनी मां के चेहरे को देख रही थी। बताया गया कि कुछ ही महीने बाद उसके पिता छुट्टी लेकर घर आने वाले थे। लेकिन जब उनके मौत की खबर मिली तो पूरा परिवार गम में डूब गया।
राजस्व विभाग से लेखपाल के अलावा कोई नहीं पहुंचा
हवलदार मनदीप सिंह का शव गांव पहुंचने के बाद वहां पर हल्का लेखपाल मनीष कुमार सिंह मौजूद दिखे। इसके अलावा राजस्व विभाग से ना तो तहसीलदार नजर आए ना ही कोई अन्य अधिकारी दिखाई दिया। पुलिस महकमे से अपने जवानों के साथ इंस्पेक्टर दिनेश कुमार शर्मा सुबह से मुस्तैद दिखे। मनदीप के परिजनों, रिश्तेदारों तथा गांव वालों के बीच इस बात की चर्चा बार-बार हो रही थी कि राजस्व विभाग से कम से कम तहसीलदार को तो मौजूद रहना चाहिए था।