उपाध्यक्ष हुलासी राम गंगवार, कनिष्ठ उपाध्यक्ष रजत मोहन और संयुक्त सचिव प्रकाशन शांतनु मिश्रा
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हाथापाई की नौबत आई, बढ़ाना पड़ा पुलिस फोर्स
मतगणना के दौरान कई बार हंगामा हुआ। बात हाथापाई तक पहुंच गई। सोमवार को मतदान के दौरान फर्जी वोटिंग की शिकायत को लेकर कई बार हंगामा हुआ था। चुनाव हारने वाले प्रत्याशी दोबारा काउंटिंग कराने की की मांग करने लगे। इस पर माहौल गरम हो गया। शाम छह बजे के बाद दो पक्षों में हाथापाई भी हो गई। किसी तरह से निर्वाचन मंडल और पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभाला। एक निवर्तमान पदाधिकारी के भतीजे ने एक अधिवक्ता को थप्पड़ भी मार दिया।
मतगणना स्थल पर तैनात रही पुलिस फोर्स
80 अधिवक्ताओं ने आजमाई किस्मत
बार एसोसिएशन चुनाव में 80 अधिवक्ताओं ने किस्मत आजमाई। अध्यक्ष पद पर छह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर चार, उपाध्यक्ष पद पर सात, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर चार, सचिव पद पर चार, संयुक्त सचिव प्रशासन पद पर नौ, संयुक्त सचिव प्रकाशन पद पर पांच, संयुक्त सचिव पुस्तकालय पद पर चार, कोषाध्यक्ष पद पर छह, प्रबंध कार्यकारिणी वरिष्ठ पद पर 12 और प्रबंध कार्यकारिणी कनिष्ठ के पद पर 19 प्रत्याशी मैदान में थे।
2428 अधिवक्ताओं ने किया मतदान
बार में पंजीकृत 2736 अधिवक्ताओं में से 2428 अधिवक्ताओं ने सोमवार को मतदान किया था। मुख्य चुनाव अधिकारी राजीव जयपति ने बताया कि सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को प्रमाणपत्रों का वितरण कर दिया गया है। चुनाव पूरी तरह से स्वतंत्र और निष्पक्ष रहा। नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण की तारीख बाद में तय की जाएगी।
छावनी में तब्दील किया गया बार मार्ग और बार भवन
मतगणना के दौरान बार सभागार और बार मार्ग को छावनी में तब्दील कर दिया गया। कमिश्नरी गेट पर बैरीकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया। सीसी कैमरों की निगरानी और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मतगणना कराई गई। कड़ाके की ठंड के बीच अधिवक्ताओं के साथ-साथ पुलिस अधिकारी और फोर्स अलाव तापते हुए परिणामों का इंतजार करते नजर आए। अलाव तापते वक्त चाय के साथ हार-जीत पर चर्चा होती रही।