नगर निगम बोर्ड बैठक से पहले ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चलाने और न चलाने को लेकर पार्षदों के बीच लकीर खिंच गई थी। कुछ इसे चलाने देने तो कुछ हटाने के समर्थन की मंशा से पहुंचे थे जिससे हंगामा तय था। बैठक शुरू होते ही नगर निगम अखाड़ा बन गया। सपा पार्षद नासिर और नदीम आपस में ही भिड़ गए। लात घूंसे तक चले। पुलिस बुलानी पड़ी। एक बार बैठक स्थगित हुई, लंच के बाद शुरू हुए सदन में फिर हंगामा होने लगा। मेयर ने कुछ पार्षदाें की सहमति पर सॉलिड वेस्ट प्लांट चलाने के लिए हरी भरी एजेंसी को हरी झंडी दे दी। प्रस्ताव पास किया और बैठक समाप्ति की घोषणा कर सदन से बाहर निकल गए। पार्षद पीछे नारेबाजी करते रहे।
नगर निगम सदन में बोर्ड बैठक में कई अहम प्रस्ताव थे। इसमें सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चलाने को लेकर हरी भरी एजेंसी को अनुमति भी दी जानी थी। पर्यावरण अभियंता ने प्रस्ताव पढ़ा। इसके बाद पार्षद राजेश अग्रवाल, बबलू खान और विकास शर्मा ने आपत्ति दर्ज कराई। सबके अलग- अलग तर्क थे। मेयर ने कहा कि प्लांट न चलवाने में पार्षदाें का क्या इंटरेस्ट है। पार्षद बोले कि इतनी जल्दी चलाने में क्या इंटरेस्ट है। नगर आयुक्त शीलधर ने सफाई दी कि पहले एजेंसी प्लांट चलाएगी फिर डोर टू डोर उसे देंगे। इसके बाद इंग्लिशगंज के पार्षद मोहम्मद नासिर और नामित पार्षद मोहम्मद नदीम मेयर की डेस्क तक पहुंच गए। प्लांट चलाने और न चलाने को लेकर दोनाें आपस में भिड़ गए। दोनों के बीच हाथापाई हो गई। मेयर ने शर्मनाक कहा और पार्षदाें को अपने जमीर पर विचार करने को कहकर 1:55 पर सदन स्थगित कर दिया। लंच के बाद बैठक 2:30 मिनट पर फिर शुरू हुई। मेयर ने प्रस्ताव 4 पास कहकर प्रस्ताव 5 पढ़ने को कहा तो पार्षद हंगामा करने लगे। पार्षदों ने फिर हूटिंग हुई। पार्षदों के बीच फिर झगड़ा शुरू हो गया। सदन में हंगामे के बीच मेयर ने प्रस्ताव पास कहा, कुछ पार्षद बोले नहीं पास कुछ बोले पास और मेयर पास बोलकर बैठक समाप्ति की घोषणा कर सदन से चले गए। पार्षदाें ने घेरकर हंगामा और नारेबाजी की। सदन में नारे गूंजते रहे ‘मेयर की मनमानी नहीं चलेगी’।
कौन क्या बोला--
पहले प्लांट चलाओ फिर डोर टू डोर लो। जिस कंपनी की हैसियत एक लाख रुपए है उसे करोड़ों का प्लांट दे रहे हैं। यह घमासान सॉलिड वेस्ट चलाने को लेकर नहीं बल्कि डोर टू डोर हथियाने के लिए हुआ है।-- राजेश अग्रवाल, सपा पार्षद दल के नेता
प्लांट चलना चाहिए लेकिन नियमों का पालन हो। मेयर मतदान क्याें नहीं करवाते। यह बैठक खत्म नहीं स्थगित हुई है। यह प्रस्ताव भी पास नहीं है।
विकास शर्मा, भाजपा पार्षद दल नेता
यह मेयर की हठधर्मिता है। बोर्ड के अनुमति के बिना सब कुछ हो रहा है। हम प्लांट के विरोधी नहीं लेकिन सब कुछ साफ होना चाहिए। बैठक अपूर्ण है। वोटिंग होनी चाहिए।- बबलू खान, पार्षद
मेयर ने सदन और पार्षदाें का अपमान किया है। यह प्रस्ताव पास नहीं माना जाएगा।
ऊषा अरोड़ा, उप सभापति
मुझे ग्लानि हुई यह जानकर की लोग अपने आपको किस तरह दूसराें के हवाले कर देते हैं। मुझे एक भी पार्षद बताए कि प्लांट चलने की हानि क्या है। जब हानि नहीं तो विरोध क्यों। इसका मतलब दाल में कुछ काला है। हम एजेंसी को डोर टू डोर हाथ तक नहीं लगाने देंगे जब तक प्लांट न चल जाए। यह बात निगम प्रशासन को बता दी गई है और अनुबंध में इसे मेंशन भी किया जाएगा। प्रस्ताव पास हो गया है, इसलिए बैठक समाप्त की है स्थगित नहीं। जो प्रस्ताव रह गए हैं वह अगली बैठक में आएंगे।
डॉ. आईएस तोमर, मेयर
प्लांट अवस्थापना से नहीं चलेगा बल्कि इसके लिए विशेषज्ञ भी होने चाहिए जो हमारे पास नहीं है। एजेंसी एनओसी लेकर ही प्लांट चलाएगी। पहले प्लांट चलेगा फिर डोर टू डोर दिया जाएगा।
शीलधर यादव, नगर आयुक्त