बरेली। पति ने फोन पर अधिक देर तक बात करने से मना किया तो महिला ने अपने दुपट्टे से कुंडे में फंदा बांधा और फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
घटना कोतवाली इलाके के खैरूल्ला गली में मंगलवार रात दस बजे हुई। यहां रहने वाले भीमसेन अग्रवाल की पुराना रोडवेज बस स्टैंड पर मोबाइल के चार्जर आदि बेचने की दुकान है। साढ़े नौ बजे दुकान बंद करके घर पहुंचे भीमसेन ने जब पत्नी शिवानी को फोन पर बात करते देखा तो डांट दिया और जलालाबाद स्थित उसके मायके में फोन करके ससुरालियों को बुलाकर शिकायत करने की बात कही। इस पर शिवानी की भीमसेन से कहासुनी हो गई। भीमसेन बिना खाना खाए ही कमरे में जाकर लेट गया। जबकि शिवानी छत पर बने टिनशेड के कमरे में जाकर कुंदे में दुपट्टे से फंदा बांधकर फांसी लगा ली। कुछ देर बाद पीछे से भीमसेन पहुंच तो उसने फंदे पर शव लटका देखा तो उसके होश उड़ गए। उसने पिता रामौतार और आसपास के लोगों को बुलाया। ब्लेड से फंदा काटकर शव को उतारा गया। भीमसेन का कहना है कि शिवानी अपनी छोटी बहन काजल से दिन भर फोन पर बात करती थी। आसपास के लोग इस पर टीका टिप्पणी करते थे। कई लोगों ने इस बारे में उससे भी कहा तो नागवार गुजरा। भीमसेन ने बताया कि इसी बात को समझाने के लिए शिवानी के मायके वालों को बुधवार को बुलाया था। जिससे क्षुब्ध होकर उसने फांसी लगाकर जान दे दी।
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सो रहे बच्चों को नहीं पता उनकी मां नहीं रही
भीमसेन की शादी जलालाबाद निवासी शिवानी से करीब नौ साल पहले हुई। उसकी सात साल की बेटी मीनाक्षी और छह साल का बेटा दुष्यंत अग्रवाल है। दोनों बच्चे नीचे कमरे में सो रहे थे और उनकी मां शिवानी की लाश ऊपर छत पर कमरे में पड़ी थी। बाबा रामऔतार फफक कर रो रहे थे, लेकिन ये बच्चे गहरी नींद में थे और उन्हें नहीं पता कि उनकी मां इस दुनिया में नहीं रही।
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धरा रह गया बना हुआ खाना
शिवानी ने मंगलवार रात पूड़ी बनाई थी। सब्जी बनाने के लिए तुरई काटकर रखी थी। कुछ आटा मढ़ा हुआ रखा था और कुछ की पूड़ी बना ली थीं। ससुर रामऔतार को उसने खाना खिला दिया था, लेकिन भीमसेन ने नहीं खाया।
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महिला ने गुस्से में आकर खुदकुशी की है। उसके जलालाबाद में रहने वाले परिवार वालों को सूचना दे दी गई है। वह जो भी लिखकर देंगे उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- सुधीर पाल सिंह धामा, इंस्पेक्टर कोतवाली