बरेली। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में लगी गाड़ी को कूड़ा उठाने की बजाए ड्राइविंग सीखने के ठेके पर दे दिया। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के जोनल सेनेट्री अधिकारी राजेश यादव औचक निरीक्षण पर निकले तो मामला पकड़ा में आया। सफाई निरीक्षक से रिपोर्ट तलब की गई है।
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली टीम आज से ही गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग न करने वाले घरों से जुर्माना वसूलना शुरू करेगा। जबकि खुद के विभाग की स्थितियां बिगड़ी हुई हैं। शहर के करीब बीस हजार घरों से अभी तक डोर टू डोर कूड़े का उठान नहीं हो रहा है और अब कूड़ा उठाने में लगी गाड़ियां भी ड्राइविंग सीखने को ठेके पर दी जा रही हैं। ऐसे में शहर में सफाई व्यवस्था सुधारने के दावे भी कोरे हैं। वार्ड दस के मुंशीनगर मोहल्ले के लिए आवंटित वाहन को बंटी नाम का एक युवक शुक्रवार दोपहर स्टेडियम रोड पर घूमता दिखाई दिया। निरीक्षण पर निकले जोनल सेनेट्री अधिकारी राजेश यादव ने युवक को रोककर पूछताछ की तो उसने बताया कि किसी आकाश नाम के व्यक्ति ने उसे वाहन को सीखने के लिए दिया है। गाड़ी चला रहे युवक के पास ड्राइविंग लाइसेंस व आधार कार्ड भी नहीं मिला। सफ ाई निरीक्षक राजीव बलियान से दो दिन में रिपोर्ट तलब की गई है। बता दें कि इससे पहले भी इस तरह के मामले पकड़े जा चुके हैं जब कूड़ा ढोने वाली गाड़ियां मलबा ढोते पकड़ी गई थी।
कूड़ा कलेक्शन फेल, फिर भी आज से जुर्माना वसूला जाएगा
शहर के बीस हजार घरों से अब भी नहीं हो रहा डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। नगर निगम का डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन फेल है। सौ फीसदी घरों से कूड़े का उठान नहीं हो रहा है। फिर भी चार मार्च से गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग न करने वाले घरों पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी। दरअसल यह पूरी कसरत स्वच्छता सर्वेक्षण टीम के सामने खुद के नंबर बढ़ाने के लिए अफसर कर रहे हैं।
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए शहरभर में 252 छोटे-बड़े वाहनों का लगा रखा है। इन वाहनों से हर दिन निकलने वाले करीब 450 मीट्रिक टन कचरे का कलेक्शन किया जाता है। घरों से कलेक्शन तो बड़ी बात है अभी स्मार्ट सिटी के आठ वार्डों में बने डलाव घरों से ही नियमानुसार सुबह-शाम कूड़े का उठान नहीं हो पा रहा है। इधर स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 के लिए केंद्रीय टीम कभी भी दौरा कर सकती है तो ऐसे में नगर निगम के अफसर सभी मानक पूरे करने के लिए नियम लागू करने में लगे हैं जबकि खुद की कमियों को दूर करने का नगर निगम की ओर से प्रयास नहीं दिख रहे हैं। जुर्माने के रूप में टीम 250 रुपये 500 रूपये तक वसूल करेगी। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह का दावा है कि हम सभी घरों में जा रहे हैं मगर यह बीस हजार का जो आंकड़ा है, यह वो घर हैं जो कूड़ा ही नहीं दे रहे हैं।