Guruji's interest in doing research
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
रुहेलखंड विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वाले अभ्यर्थियों की मुसीबतें कम नहीं हो पा रही हैं। बमुश्किल कोर्स वर्क और फैकल्टी बोर्ड व आरडीसी हो सकी तो अब उनके लिए मुसीबत बन रहे हैं उनको दिए गए गाइड। क्योंकि कई गाइड अभ्यर्थियों को पीएचडी कराने को ही तैयार नहीं हो रहे। ऐसे करीब पचास गाइड है जो शोध कराने से कतरा रहे हैं। विवि प्रशासन के सामने दिक्कत है कि अब उनकी जगह दूसरे गाइड भी नियुक्त नहीं कर सकते। इन गाइड को निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि वह आवंटित छात्रों को पीएचडी कराएं।
यूजीसी के नियम के अनुसार प्रोफेसर के अपने अंडर आठ, एसोसिएट प्रोफेसर छह और असिस्टेंट प्रोफेसर चार अभ्यर्थियों की एक साथ पीएचडी करा सकता है। सूत्रों की माने तो गाइड निर्धारित संख्या की जगइ अपनी मर्जी से पीएचडी कराना चाहता है। बरेली कॉलजे में ही कुछ शिक्षक हैं जिन्होंने अभी तक अभ्यर्थियों का शोध कार्य शुरू नहीं कराया। विवि के पीएचडी अनुभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब 50 गाइड ऐसे हैं जो आवंटित सभी अभ्यर्थियों की पीएचडी कराने को तैयार नहीं। अब इनको निर्देश जारी किए गए हैं कि आवंटित छात्रों का शोध कार्य शुरू करा दिया जाए। इसके साथ ही प्रतिदिन की उपस्थिति भी देनी होगी।
छात्रों को आवंटन किया जा चुका है, अभी किसी ने इस तरह की शिकायत नहीं की है। अगर गाइड आवंटित है तो उसको पीएचडी करानी होगी। अगर इस तरह की शिकायत आती है कार्रवाई की जाएगी। अभ्यर्थियों को उपस्थिति प्रतिदिन लगानी होगी।
-साहब लाल मौर्या, कुलसचिव