Hassan Mian in Urs Zaireen seeks Murad
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
खानकाह नियाजिया में चल रहा हजरत हसन मियां का उर्स आखिरी रोज शबाब पर रहा। दूर दराज प्रांतों से आए जायरीन ने यहां की तकरीब में हिस्सा लेते हुए मन्नतो मुराद मांगी। रात डेढ़ बजे हुए कुल शरीफ में अकीदतमंदों की भीड़ जुटी।
खानकाह में हजरत शाह मोहम्मद हसन सज्जाद उर्फ हसन मियां का दो रोजा कदीमी रिवायत के साथ मनाया गया। उर्स की तकरीब का आगाज सुबह कुरान ख्वानी से हुआ। इसके बाद दिन में 11 बजे फातेहा के बाद लंगर चला। इस बीच मजार शरीफ पर जायरीन की हाजरी का सिलसिला चलता रहा। दोपहर में चादरपोशी और गुलपोशी की रस्म अदा की गई। शाम को महफिले मीलाद हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की शिरकत रही।
शाम को साहिबे सज्जादा शाह हसनैन नियाजी उर्फ हसनी मियां से मिलने वालों का भी तांता लगा रहा। लोग उनसे मिलकर कदमबोसी कर दुआएं हासिल करते रहे। साथ ही प्रबंधक शब्बू मियां और नायब सज्जादा शाह मेंहदी मियां की भी दस्तबोसी की। रात में महफिले समा हुआ। इसमें दूर दराज शहरों और खानकाहों से आए कव्वालों ने हाजरी देकर सूफियाना कलाम पेश किया।
देर रात तक चली इस महफिल के बीच 1.30 बजे कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। अंत में साहिबे सज्जादा ने मुल्क व अवाम की खुशहाली के लिए दुआ की। सचिव मौलाना कासिम नियाजी ने बताया कि इस मौके पर बाहर की विभिन्न खानकाहों के सज्जादगान, शास्त्रीय संगीत के जाने माने फनकार और शहर की तमाम हस्तियों की मौजूदगी रही।