एसआईटी ने सिर्फ विवेचना में दिखाई दिलचस्पी
गुलाटी गैंग के खिलाफ दर्ज मुकदमों की विवेचना करने के लिए एसपी यातायात अकमल खान के नेतृत्व एसआईटी बनाई गई थी, पर वह कुछ खास कार्रवाई नहीं कर सकी। कुल 68 मामले दर्ज किए गए, जिनमें एक हजार से ज्यादा शिकायतकर्ता हैं। टीम ने शुरू में गुलाटी पर चार्जशीट लगाने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई और जब उसे तलाशना शुरू किया तो वह लापता हो गया। सूत्र बताते हैं कि गुलाटी परिवार समेत विदेश में शिफ्ट हो चुका है। डीआईजी अजय साहनी ने इन मामलों की विवेचना आर्थिक अपराध शाखा को सौंपने की संस्तुति शासन से की है। अभी तक वहां से प्रगति नहीं हो सकी है।
बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि कन्हैया गुलाटी के मामले में ईडी की जांच के विषय में पुलिस को जानकारी नहीं है। पुलिस ने अपने मामलों में विवेचना मजबूत तरीके से करके काफी साक्ष्य जुटा लिए हैं। एसआईटी उसकी गिरफ्तारी में जुटी है। आर्थिक अपराध शाखा को केस ट्रांसफर करने के लिए भी शासन स्तर से लिखापढ़ी की जा रही है।