बरेली। व्यापारी, उद्यमी और ट्रांसपोर्ट संगठन के प्रतिनिधियों ने जीएसटी व्यवस्था, ई-वे बिल प्रणाली, रिफंड प्रक्रिया, विभागीय कार्यशैली, श्रम विभाग संबंधी समस्याएं साझा कीं। परेशानी बन रहे प्रावधानों में संशोधन और उत्पीड़न करने वाले अफसरों पर कार्रवाई की मांग की।
जिलाध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने डिजिटल युग में भी वैध बिल, माल प्राप्ति का रिकॉर्ड और भुगतान का प्रमाण होने के बावजूद सप्लायर की खामी से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को रोकना असंगत बताया। धारा 50 में वास्तविक कर हानि की स्थिति में ब्याज लगाने, तकनीकी कमी पर राहत, धारा 37 में 180 दिन में भुगतान न होने पर आईटीसी वापस लेने पर पुनर्विचार की मांग की। धारा 29 में जीएसटी पंजीकरण निरस्त करने पर चिंता जताई। किला ट्रांसपोर्ट संगठन के अध्यक्ष विशाल गोयल ने स्थानीय स्तर पर माल परिवहन में पूर्व की तरह छूट की मांग की। यहां बल्ले ठाकुर, जसपाल सिंह बग्गा, अनुज गुप्ता, कुमार गौरव समेत अन्य व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
संगठन के मंडल अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने प्रधानमंत्री की ओर से बुलियन खरीद संबंधी अपील, उसके संभावित प्रभावों पर भी चर्चा की। कहा कि बिक्री कम होने से बैलेंस शीट प्रभावित होगी। बैंकिंग लिमिट, ऋण व्यवस्था और व्यावसायिक प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ सकता है। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 एनएल सोनी ने समाधान का आश्वासन दिया।