बड़ौत के रहने वाले थे आलोक
बागपत के बड़ौत क्षेत्र के गांव कासिमपुर खेड़ी निवासी आलोक कई वर्षों से ग्रीन पार्क कॉलोनी में रह रहे थे। बहेड़ी में उनका फार्म हाउस है, इसके अलावा वह निर्माण संबंधी ठेकेदारी भी करते थे। आलोक कासगंज के सीओ सिटी विजय राणा के साढू हैं। दोपहर एक बजे नौकरानी ममता के बजाय उसकी दो बेटियां काम करने आईं।
काफी देर दरवाजा खटखटाने व घंटी बजाने पर भी अंदर से आवाज नहीं आई। यह बात बताने पर ममता ने रितु की बड़ी बहन मधु राणा को कॉल करके जानकारी दी। मधु भी इसी कॉलोनी में रहती हैं। वह रितु के घर पहुंचीं और खिड़की की जाली हटाकर किसी तरह अंदर से लगी चिटकनी खोली।
अंदर एक कमरे में बेड पर रितु और आलोक के शव खून से सने पड़े देख मधु अवाक रह गईं। उन्होंने अपने पति विजय राणा को सूचना दी और फिर उनके बताने पर बारादरी थाना प्रभारी अमित पांडेय व रुहेलखंड चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर आकर साक्ष्य जुटाए। घटना के पीछे शादी के 20 वर्ष बाद भी संतान न होने से दंपती के परेशान होने की बात सामने आई है।