फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरेली में दर्दनाक हादसा: मकान का छज्जा गिरा, मलबे में दबकर दादी और छह वर्षीय पोती की मौत

Sun, 05 Jul 2026 02:19 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, शाही (बरेली)

सार

Bareilly News: शाही क्षेत्र के तुरसा गांव में शनिवार रात एक मकान का छज्जा गिर गया, जिसके मलबे में दबकर बुजुर्ग महिला और उनकी पोती की मौत हो गई। दोनों छज्जे के नीचे चारपाई पर बैठी थीं। 
विज्ञापन
घटना के बाद घर में पड़ा मलबा - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली के शाही थाना क्षेत्र के तुरसा गांव में शनिवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। घर का छज्जा गिरने से 70 वर्षीय नत्थो देवी और उनकी छह वर्षीय पोती दीपांजलि की दबकर मौत हो गई। इस दुखद घटना से परिवार में कोहराम मच गया। 

विज्ञापन


तुरसा गांव निवासी आनंदस्वरुप ने बताया कि वे अपने भाई यशपाल और विजय पाल के परिवार के साथ एक ही घर में रहते हैं, जहां मां नत्थो देवी भी रहती थीं। घर का एक हिस्सा कच्ची छत का था, जो कुछ समय पहले गिर गया था, लेकिन दीवार के सहारे छज्जा बचा हुआ था। शनिवार शाम करीब छह बजे नत्थो देवी अपनी छह वर्षीय पोती दीपांजलि और दस वर्षीय पोते संदेश के साथ चारपाई पर बैठी थीं। 

बाल-बाल बचा मासूम संदेश 
संदेश पढ़ाई के लिए पेंसिल लेने चारपाई से उठकर चला गया। तभी नत्थो देवी और दीपांजलि के ऊपर छज्जा गिर गया। दोनों मलबे में दब गईं। चीख-पुकार सुनकर परिजनों ने मलबा हटाया और घायलों को अस्पताल ले गए। गंभीर हालत देखते हुए उन्हें बरेली रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। परिजनों की सूचना पर देर रात पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ मीरगंज अजय कुमार ने हादसे की पुष्टि की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर 
यशपाल के चचेरे भाई जगदीश प्रसाद ने बताया कि तीनों भाइयों के पास कुल नौ बीघा जमीन है। परिवार का भरण-पोषण मजदूरी करके होता है। मृतका नत्थो देवी का आवास के लिए आवेदन लंबित चल रहा था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है।

नत्थो देवी का आवास के लिए आवेदन लंबित था 
पंचायत सचिव अंजली ने बताया कि नत्थो देवी का आवास के लिए आवेदन लंबित था। दीपांजलि की मां सुनीता देवी का नाम स्वीकृत आवासों की सूची में शामिल है। छह वर्षीय दीपांजलि कक्षा एक की छात्रा थी। यह परिवार सरकारी सहायता का इंतजार कर रहा था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें