डेबिट कार्ड का होता था इस्तेमाल
आरोपी ने यह भी बताया कि रविंद्र साहू ने उसे एक डेबिट कार्ड भी भेजा था जो उसकी पत्नी रेखा साहू के नाम पर था। इस कार्ड का इस्तेमाल करके शैलेंद्र रकम निकालता था और टिकट विंडो पर किराये का भुगतान करता था। बची हुई राशि का वह खुद इस्तेमाल करता था। आरोपी पर्यवेक्षक हर ड्यूटी में 2-3 तत्काल टिकट जारी करता था।
इससे उसे प्रति दिन दस से पंद्रह हजार रुपये का लाभ होता था। वह जरूरतमंद यात्रियों को बरेली लाकर तत्काल श्रेणी के टिकट 500 से 1000 रुपये प्रति यात्री अधिक कीमत पर बेचता था। मुख्य वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। टिकट दलाल रविंद्र साहू की तलाश जारी है।