राज्यपाल रामनाईक ने पुलिस लाइन सभागार से हेलीपेड तक पैदल मार्च किया। उन्होंने अशोक की लाट लगी बिना नंबर प्लेट वाली कार पर बैठने से मना कर दिया और पैदल ही आगे बढ़ गए। इसके बाद अफसरों को भी उनके पीछे दौड़ना पड़ा। भाजपा नेताओं को भी पैदल ही कवायद करनी पड़ी।
मंगलवार सुबह हैलीकॉप्टर में ईंधन भरवाने के लिए बरेली पुलिस लाइन ग्राउंड पर उतरे राज्यपाल रामनाईक ने सवालों के बेहद सधे उत्तर दिए। उन्होंने कासगंज हिंसा पर यूपी सरकार को क्लीन चिट देने के साथ ही कानून व्यवस्था बेहतर बताई। सभागार में जलपान और बैठक करने बाद प्रस्थान किया तो प्रशासन ने वीआईपी कार और एस्कोर्ट लगा। गवर्नर ने कार में बैठने मना कर दिया तो अफसर बगले झांकने लगे। गवर्नर ने कहा कि वे हेलीपैड तक पैदल ही जाएंगे। इसके बाद सरकारी अमला और नेतागण भी उनके पीछे पीछे चल दिए। डीएम आर. विक्रम सिंह, एसएसपी जोगेंद्र सिंह भी प्रोटोकाल में पैदल दौड़े। गवर्नर आधा किलोमीटर से ज्यादा दूर तक पैदल काफिले के साथ हेलीपैड पर पहुंचे और सलामी लेकर हेलीकाप्टर से हरिद्वार रवाना हो गए। भाजपा जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह राठौर, ब्लॉक प्रमुख योगेश पटेल, पवन शर्मा आदि ने उनका स्वागत किया।