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Bareilly News: सरकारी तालाब... अतिक्रमण से लबालब

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सरकारी तालाब अतिक्रमण से लबालब हैं। नगर निगम के रिकाॅर्ड में दर्ज 156 सरोवरों में से ज्यादातर का वजूद सिमट चुका है। वहां अब ऊंची इमारतें इतरा रही हैं। कहीं स्कूल भवन बन गए हैं तो कुछ तालाब आबादी के बीच गुम हो गए हैं। हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के बावजूद नगर निगम ने तालाबों को कब्जामुक्त कराने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया। दूसरी ओर, कोहाड़ापीर में वर्ष 1920 के नक्शे के आधार पर मकानों-दुकानों को तोड़ा जा रहा है। तालाबों पर हुए कब्जे को लेकर जिम्मेदारों की खामोशी कुछ अलग ही इशारा कर रही है।
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हरूनगला इलाके के नौ में से चार तालाबों पर कब्जे हैं। कंजादासपुर के तालाब पर आंशिक कब्जा था, जिसे खाली करा लिया गया। जौहरपुर में छह, खलीलपुर में तीन तालाब हैं। गरगईया उर्फ गोकुल नगर व गोविंदपुर में एक-एक तालाब खाली हैं। ट्यूलिया के सात में से कई तालाबों पर कब्जे हैं। तुला शेरपुर में दो में से एक तालाब के कुछ भाग पर कब्जा है। नवादा शेखान में एक ही तालाब है। इसके चारों ओर कब्रिस्तान है। नेकपुर का तालाब विवादित है।
नवादा जोगियान में सात तालाब हैं। गाटा संख्या 57 के तालाब के काफी हिस्से को जय नारायण सरस्वती विद्या मंदिर में दबा लेने का आरोप है। गाटा संख्या 234 के तालाब की भूमि मंदिर के कब्जे में है। गाटा संख्या 610 के तालाब का आधा भाग कूड़ा डालकर पाट दिया गया है। नदौसी में पांच तालाब हैं, लेकिन पुनर्जीवित कोई नहीं है। परतापुर जीवन सहाय का एकमात्र तालाब आबादी के बीच गुम हो गया है।
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विहारमान नगला क्षेत्र में 19 तालाब हैं। गाटा संख्या 129 के तालाब की 75 फीसदी भूमि पर नगर निगम की गलियां और आबादी है। गाटा संख्या 130 और 133 के तालाब की 10-10 फीसदी भूमि पर निर्माण है। गाटा संख्या 573 के तालाब के आधे हिस्से को लोगों ने पाट लिया है। गाटा नंबर 605 के तालाब की भूमि पीलीभीत बाइपास में चली गई। गाटा नंबर 612 के तालाब की भूमि को चहारदीवारी बनाकर घेर लिया गया है। बड़ी बिहार में दो तालाब पर कब्जे बताए गए हैं।
कई तालाब आबादी में हुए गुम
बेनीपुर चौधरी के आठ में से तीन तालाब पट चुके हैंं। एक तो आबादी में गुम हो गया है। बिधौलिया में तीन में से एक तालाब पट चुका है। महलऊ में गाटा संख्या 436 तालाब की भूमि के कुछ हिस्से पर सामुदायिक केंद्र बना है। महेशपुर अटरिया में नौ तालाब हैं। गाटा संख्या 1080 के तालाब पर एक मकान, कुछ हिस्से पर खड़ंजा व कुछ भूमि खाली है। सुर्खा छावनी के तालाब पर वाद चल रहा है। सनईया रानी मेवा कुंवर में गाटा संख्या 340 का तालाब खेतों में समा गया। सरनिया में चार तालाबों में से दो पर आबादी है। सनईया धनसिंह में गाटा संख्या 177 के तालाब पर मकान बने हैं। सिठौरा में कई तालाबों पर कब्जे हैं। हैदराबाद उर्फ खड़ौआ में गाटा संख्या 41 का तालाब खेत में समा गया।

नगर निगम ने ही दी थी जानकारी
बरेली कॉलेज में विधि विभागाध्यक्ष रहे डॉ प्रदीप कुमार ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत 25 फरवरी, 2020 को नगर निगम से तालाबों और कुओं की जानकारी मांगी थी। तब नगर निगम ने प्रदेश सरकार के असाधारण गजट में दर्ज तालाबों और उनकी मौके की स्थिति दर्शाते हुए 156 तालाबों की रिपोर्ट डॉ. प्रदीप कुमार को भेजी थी।
वर्जन

कुछ तालाबों को कब्जामुक्त करवाकर उनका सौंदर्यीकरण कराने की कार्ययोजना बनाई गई है। अन्य तालाबों से भी अवैध कब्जों को हटवाया जाएगा। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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