बरेली में 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल से पहले अवैध हथियारों की खेप पहुंचाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य मुदस्सिर मिर्जा उर्फ गोलू को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह के तार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा तक जुड़े हैं।
बरेली शहर में 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल से पहले अवैध हथियारों की खेप आरोपियों तक पहुंचाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य बारादरी थाना क्षेत्र के आशीष रायल पार्क निवासी मुदस्सिर मिर्जा उर्फ गोलू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह के तार यूपी से लेकर उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा तक जुड़े हुए हैं। 26 सितंबर को इन्हीं अवैध हथियारों से पुलिस पर फायरिंग की गई थी।
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शहर में बवाल के बाद जांच के दौरान इसी वर्ष फरवरी में खुलासा हुआ था कि बवाल से ठीक पहले उपद्रवियों को बड़ी तादाद में असलहों की सप्लाई की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा के करीबी फरहत के भाई इशरत अली उर्फ इशरत पहलवान समेत बहेड़ी के जोखनपुर निवासी तस्लीम और शेरगढ़ के बरीपुरा गांव निवासी सोमू खान उर्फ औशाफ को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान मुदस्सिर मिर्जा उर्फ गोलू का नाम भी सामने आया।
विवेचक संजय धीर ने बताया कि मुदस्सिर मिर्जा को उसके घर से गिरफ्तार किया गया है। सोमू खां, इशरत अली और तस्लीम जेल में हैं। उनकी 27 अप्रैल को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष रिमांड प्रस्तावित है। असलहा सप्लाई करने के मामले में और गिरफ्तारियों से भी उन्होंने इन्कार नहीं किया है।
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फरहत के घर से लीड किया गया था बवाल
असलहा सप्लाई करने वाले गिरोह के सदस्य इशरत अली की कार से अवैध हथियारों की सप्लाई झुमका तिराहे पर उपद्रवियों के गिरोह को दी गई थी। मौलाना तौकीर रजा ने फरहत के घर पर बैठकर ही शहर में बवाल और दंगे का प्लान किया था। फरहत के घर से ही मौलाना को गिरफ्तार किया गया था। 26 सितंबर को किला, बारादरी, कोतवाली, कैंट और प्रेमनगर थानों में 10 मामले दर्ज किए गए थे। असलहा सप्लाई करने वाले गिरोह का सदस्य इशरत फरहत का सगा भाई है।
फरहत के कहने पर उत्तराखंड सीमा से आए थे हथियार
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि फरहत के कहने पर उत्तराखंड की सीमा से हथियारों की खेप फरहत के भाई इशरत की कार से मंगाई गई थी। बरेली में झुमका तिराहे पर हथियारों की डिलीवरी दी गई थी। फरवरी में जब पुलिस ने तस्लीम और सोमू को गिरफ्तार किया था तो उसकी कार से सात तमंचे और 44 कारतूस मिले थे। गिरोह का सरगना बहेड़ी के मंडनपुर गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर इशरत अली है, जो फाइक एन्क्लेव निवासी फरहत अली का सगा भाई है।