सीडीओ की रिपोर्ट बनी कार्रवाई का आधार
बरेली के मुख्य विकास अधिकारी जगप्रवेश ने दस दिनों तक जांच के बाद 227 पेज की रिपोर्ट डीएम को 10 सितंबर को सौंपी थी। डीएम ने रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इसमें परिसंपत्तियों के अधिक मूल्यांकन के लिए एनएचएआई के साइट इंजीनियर, नामित एजेंसी साईं सिस्ट्रा ग्रुप, एसए इंफ्रास्ट्रक्चर कंसल्टेंसी के प्रतिनिधियों को दोषी ठहराया गया है। साथ ही, गलत सत्यापन के लिए पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन अधिशासी अभियंता नारायण सिंह समेत चारों अभियंता और अमीन पर कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।
पीलीभीत में भी लेखपालों-अभियंताओं को सता रहा कार्रवाई का डर
शासन की कार्रवाई के बाद पीलीभीत से भी तत्कालीन अधिकारियों के नाम मांगे गए हैं। इस वजह से यहां भी लेखपालों और अभियंताओं को कार्रवाई का डर सताने लगा है। इधर, मंडलायुक्त ने भी मामले में पीलीभीत में तैनात तत्कालीन कर्मचारियों और अधिकारियों के नाम मांगे हैं। यह जानकारी शासन को भेजी जाएगी। माना जा रहा है कि यहां भी जल्द कार्रवाई होगी।