सरकारी अस्पताल की स्टाफ नर्सें एक दिन सामूहिक अवकाश पर रहेंगी। कई मांगों को लेकर यह उनके विरोध जताने का एक तरीका होगा। सामूहिक अवकाश के लिए नर्सें कैजुअल लीव (सीएल) लेंगी। हालांकि उन्हें अभी तक छुट्टी की मंजूरी नहीं मिली है। अखिल भारतीय स्तर पर नर्सेज फ्रंट की ओर से विरोध के चलते इन्होंने कार्य बहिष्कार की ठानी है।
सातवें वेतन आयोग को सही प्रकार से लागू करने समेत अन्य कई मांगाें को लेकर राजकीय नर्सेज संघ की ओर से 26 फरवरी को पूरे अस्पताल में काम ठप रहेगा। जिला अस्पताल, मानसिक अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी, महिला अस्पताल में कोई भी नर्स कार्य नहीं करेंगी। करीब एक सौ दस नर्स इस दौरान छुट्टी पर रहेंगी। संविदा पर तैनात नर्स पर जिम्मेदारी रहेगी। संघ की जिला मंत्री सोनिया मसीह ने बताया कि अस्पताल का कार्य प्रभावित न हो इसलिए इमरजेंसी को विरोध में शामिल नहीं किया गया है।