कारोनो के खतरे के बीच भीड़ जुटने से खौफ में बैंक स्टाफ
बरेली। लॉकडाउन के बावजूद सड़कों पर भीड़ रोक पाना सरकारी सिस्टम के लिए चुनौती बना हुआ है। इस बीच जनधन, मनरेगा, पेंशन स्कीमों सहित गरीबों के लाखों में खातों में धनराशि ट्रांसफर होने के बाद 31 मार्च से बैंकों में और ज्यादा भीड़ लगेगी। खातों में धनराशि आई या नहीं, इसकी जानकारी के लिए कई दिनों से बैंक शाखाओं में लोगों की लाइनें लग रही हैं। कोरोना के खतरे के बीच बैंकों में जबरदस्त भीड़ जुटने की आशंका को देखते हुए बैंक स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल रहे हैं।
लॉकडाउन में गरीबों को आर्थिक संकट से बचाने के लिए केंद्र और राज्य ने कई घोषणाएं की हैं। बरेली में भी जनधन के करीब सात लाख महिला खाताधारक, 2.60 मनरेगा मजदूर, करीब सवा लाख विभिन्न पेंशन स्कीमों के साथ तमाम अन्य वर्गों के खातों में धनराशि जारी होनी है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि 31 मार्च से खातों में धनराशि ट्रांसफर होने के साथ उनका वितरण भी शुरू हो जाएगा। दिक्कत ये हैं कि इसमें ज्यादातर एटीएम चलाना नहीं जानते और उन्हें काउंटर पर ही पेमेंट किया जाना है। जिस कारण खातों में रकम निकलाने के लिए बैंक शाखाओं में ग्राहकों की भीड़ लगेगी। ऐसे में ग्राहकों के साथ बैंक स्टाफ पर कोरोना के संक्रमण का खतरा और ज्यादा बढ़ जाएगा। गौरतलब है कि सरकार की घोषणा के बाद से ही बड़ी संख्या में लोग बैंकों में पहुंचकर स्टाफ से खाते में पैसा ओन की जानकारी लेने के लिए लाइनें लगा रहे हैँ। सोमवार को भी पीएनबी मढ़ीनाथ, इज्जतनगर सहित कई बैंक शाखाओं में भीड़ देखी गई है। अफसरों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र की बैंकों में तो स्थिति और भी ज्यादा खराब है।
दो के बजाय अब चार बजे तक होगा काम, रामनवमी की छुट्टी रद्द
सरकारी घोषणाओं के बाद काम की अधिकता को देखते हुए बैंकों में ग्राहक सेवा की अवधि को दोपहर दो से बढ़ाकर शाम चार बजे कर दिया गया है। लॉकडाउन के बाद बैंकों का समय सुबह 10 से दो बजे तक तय हुआ था, अब ये समय बदला जाएगा। इसके अलावा सरकार ने बैंकों में दो अप्रैल को रामनवमी की छुट्टी भी रद्द कर दी है।
रुपये निकालने वालों की लगने लगी भीड़
लॉकडाउन में अब तक बचत की पूंजी से समय काटने वाले गरीब अब अपने खातों से पैसा निकालने के लिए भी पहुंचने शुरू हो गए हैं। बैंक अफसरों का कहना है कि 1000 से 2000 रुपये निकालने वालों की संख्या बढ़ रही है।
‘बैंकों में भीड़ के बाद किस तरह से व्यवस्था संभलेगी, इसे लेकर जल्द ही डीएम से वार्ता की जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर बैंकों में पुलिस फोर्स की मदद ली जा सके।’
- ओपी बढ़ेरा, लीड बैंक मैनेजर