सात एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ेगा कॉरिडोर
प्रस्तावित कॉरिडोर प्रदेश के सात एक्सप्रेस वे के साथ ही सभी नेशनल और स्टेट हाईवे को आपस में जोड़ेगा। इनमें गंगा एक्सप्रेस वे लगभग तैयार है। पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ और गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेस वे पर काम चल रहा है। गोरखपुर-शामली-पानीपत एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू हो गया है। बरेली होते हुए गुजरने वाला यह प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे होगा।
प्रदेश से गुजर रहे एक्सप्रेसवे
- गंगा एक्सप्रेसवे : 594 किमी
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे : 341 किमी
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे : 302 किमी
- बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे : 296 किमी
- यमुना एक्सप्रेसवे : 165 किमी
- गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे : 750 किमी (प्रस्तावित)
- गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेसवे : 380 किमी
गंगा एक्सप्रेसवे: 151 किमी के दायरे में लगाए गए बीम क्रैश बैरियर
शाहजहांपुर के जलालाबाद में गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहनों की सुरक्षा के लिए बदायूं से लेकर हरदोई जनपद की सीमा तक करीब 151 किमी के दायरे में सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। इसके लिए छुट्टा पशुओं के लिहाज से संवेदनशील स्थानों पर ईंट की चहारदीवारी बनाने के साथ ही पूरे एक्सप्रेसवे पर बीम क्रैश बैरियर लगा दिए गए हैं। मार्च तक लोहे के तार की फेंसिंग हटाकर वहां पक्की चहारदीवारी बनाने के साथ ही बीम क्रैश बैरियर लगाने की योजना है।
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बरेली डिवीजन के एनएचएआई के परियोजना निदेशक नवरत्न सिंह ने बताया कि गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे बरेली के नवाबगंज और बहेड़ी तहसील से होकर गुजरेगा। प्रदेश के सभी नेशनल, स्टेट हाईवे और एक्सप्रेसवे अगले पांच साल में आपस में जुड़ जाएंगे। बरेली-आगरा-झांसी-ललितपुर कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में भी काम शुरू हो गया है। इस संबंध में एनएचएआई, उप्र एक्सप्रेसवे प्राधिकरण, यूपीडा और उपसा मिलकर काम कर रहे हैं।