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बकरे बिक रहे डोर टू डोर

Mon, 12 Sep 2016 01:44 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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कारोबार धीमा कहें या फिर लोगों की व्यस्तता। बकरा मंडी इस बार हल्की चल रही है। खरीददाराें का जमावड़ा कम है। इसलिए पशु व्यापारी खुद लोगों के घराें तक पहुंच रहे हैं। पहली बार ऐसा दिख रहा है कि बकरे का कारोबार डोर टू डोर यानी दरवाजे से दरवाजे हो रहा है। हालांकि इनकी कीमत मंडी के बकराें के मुकाबले अधिक है। पुराना शहर, सैलानी, कांकर टोला, आजमनगर, नवादा शेखान, जगतपुर, शाहदाना, शाहाबाद, मीरा की पैठ, चकमहमूद, हजियापुर, सूफी टोला, सहसवानी टोला, बिहारीपुर और जसौली इलाकाें में मुस्लिम आबादी अधिक है। कारोबारियों का बकरीद तक यहीं ठिकाना बना हुआ है। पीलीभीत बाईपास स्थित आकाश पुरम और फाईक इंक्लेव कालोनी में भी सुबह से शाम तक कारोबारी डटे हुए हैं। कांकरटोला मोहल्ले में बकरा बेचने आए मो. अयूब कहते हैं कि सुबह मंडी जाने से पहले वह मोहल्लाें में चक्कर लगाकर बकरे बेच देते हैं। छह बकरे लेकर चलते हैं जिसमें से चार तो मोहल्लों में बिक जाते हैं। नवाबगंज के कुरैशनगर से बकरा बेचने आए अखलाक के पास तीन बकरे हैं। पुराना शहर में उन्होंने एक बकरे की कीमत साढ़े आठ हजार लगाई है। उनका कहना है कि मंडी में यही बकरे पांच से छह हजार में मिलते हैं, लेकिन घर- घर जाकर बेचने में कुछ ज्यादा मुनाफा हो जाता है। दो बकरों की कीमत 18 हजार है। 
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घट गई है बकरों की कीमत
इस बार जरी सहित अन्य कामों में आई मंदी के कारण बकरों की खरीदारी कम है। बकरों के दाम पिछले सालों के मुकाबले कम हुए हैं। जो छोटे बकरों की खरीदारी कर रहे हैं वह उतने में ही दो बकरे खरीद कर ले जा रहे हैं। यहां पर इस बार पांच हजार से लेकर 10 और 12 हजार रुपये तक के अच्छे बकरे उपलब्ध हैं।
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