शरीर में चोटों के छह निशान भी पाए गए थे। मृतक की पत्नी शहनाज की ओर से कल शनिवार को गांव की रहने वाली महिला और उसके पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने उक्त दंपती को रविवार दो बजे पकड़ कर हिरासत में लेकर पूछताछ की। महिला ने हत्या की घटना के जुर्म को कबूल कर लिया। एसपी उत्तरी मुकेश चन्द्र मिश्रा ने बताया कि इकबाल अहमद महिला से साड़ी, सूटों की कढ़ाई करवाता था। इसी दौरान महिला से इकबाल के प्रेम संबंध हो गए थे।
29 जनवरी को इकबाल अहमद ससुराल में ससुर की बरसी के कार्यक्रम में पत्नी शहनाज को लेकर गए थे। इकबाल अहमद पत्नी को मायके में छोड़कर घर वापस आ गए थे। महिला ने इकबाल को कॉल करके उससे मिलने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद इकबाल ने महिला को दो नशे की गोलियां दीं और कहा अपने पति को दे देना।
महिला ने 29 जनवरी की शाम आठ बजे चाय बनाई, जिसमें नशे की गोलियां डाल दीं थीं। अपनी व बच्चों की चाय में गोलियां नहीं डाली थीं। पति मोबाइल फोन देखते-देखते सो गए। तभी उसने इकबाल को रात्रि में 11.40 बजे मोबाइल काल की तभी इकबाल अहमद ने कहा घर आ जाओ घर पर कोई नहीं है।
जब वह इकबाल के घर गई तो इकबाल खिड़की के घर से निकल आया और बाहर चबूतरे पर खड़ा मिला। उसने संबंध बनाने की बात कही तभी उसने बातें करते-करते इकबाल के दोनों हाथों पैरों को दबाया एक हाथ मुंह और एक हाथ से गला घोंटा कर मार डाला और शव दरवाजे की सीढ़ियों पर फेंक चली गई। उसने इस घटना को अपने पति से भी नहीं बताया था।
महिला ने पुलिस को बताया कि कॉल रिकॉर्डिंग वायरल करने की धमकी देकर उसकी मर्जी के बगैर संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था। उसे डर था कि पति को यह सब पता चल गया तो घर में रहने नहीं देंगे। इसी डर की वजह से हत्या कर दी। वह इकबाल अहमद से तंग आ गई थी। पुलिस ने आरोपी महिला को कोर्ट में पेश किया। जहां से जेल भेज दिया गया।