छात्रा को लेकर हल्द्वानी चले गए परिजन
सहेलियों व शिक्षकों ने उसे बाहर निकाला और बेहोशी की हालत में इलाज के लिए बरेली में ही निजी अस्पताल ले गए। वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। हालांकि अस्पताल संचालक का दावा है कि उपचार से अंजली को कुछ आराम मिला। इसके बाद इज्जतनगर थाना पुलिस ने परिजनों से वार्ता की और फिर उसे लेकर हल्द्वानी चले गए।
परिजन बोले- बिल्कुल स्वस्थ थी छात्रा
अंजली के मौसा मोहन सिंह ने बताया कि सुबह घर से गई थी, तब वह बिल्कुल स्वस्थ थी। स्कूल से फन सिटी गई। परिजनों ने बताया कि अंजली को कोई फोबिया नहीं था। वह तो सुबह सबसे पहले नहाकर ही दूसरे कामों में लगती थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय होगी।
स्कूल की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। हादसे के बाद छात्रा को बरेली में पहले पॉली क्लीनिक, फिर मेडिसिटी अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इसकी जानकारी परिजनों को दी गई थी। अगर परिजन चाहें तो फन सिटी से सीसीटीवी फुटेज मंगा सकते हैं। - मंजुल भंडारी, प्रबंधक, केवीएम स्कूल
घरवाले बोले- अंजली की इरादतन हत्या की गई
चिल्ड्रन डे पर स्कूल दूर पर गई अंजली की मौत ने स्कूल प्रबंधन को बुरी तरह घेर दिया है। पिता राजेंद्र सिंह रावत ने मुखानी थाने में तहरीर देकर सीधे-सीधे स्कूल प्रबंधन पर हत्या का आरोप लगाया है। तहरीर में उन्होंने पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि जब उनकी कॉलोनी के लोगों ने विरोध किया तो स्कूल वाले अंजली का शव एंबुलेंस में ही छोड़कर भाग गए। इस मामले में पूरे दिन स्कूल प्रबंधन और पुलिस की तरफ से बचाव वाले बयान आते रहे। मुखानी थाना पुलिस को सूचना देकर बुला लिया और थाने में तहरीर दी।