दो हजार रुपये देता था गिरोह
पुलिस की पूछताछ में पता लगा कि शिकार को फंसाने के लिए गिरोह के सदस्य किशोरी को दो हजार रुपये देते थे। बाकी रकम वे खुद रख लेते थे। पता लगा है कि पहले भी शिकार फंसाने के लिए गिरोह उसका इस्तेमाल कर चुका था।
पुलिसकर्मी नहीं आए हाथ
मामले में नामजद दरोगा और सिपाही का भी पुलिस सुराग नहीं लगा पा रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस अपने लोगों की गिरफ्तारी से बच रही है। साथ ही दोनों पुलिसकर्मी अपने बचाव का फंडा जानते हैं। उन्होंने मोबाइल फोन भी बंद कर रखे हैं। सूत्र बताते हैं कि वे हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लाने का प्रयास कर रहे हैं।
आरोपी ने जारी किए वीडियो
हनी ट्रैप गिरोह भले ही पुलिस की पकड़ से दूर है लेकिन आरोपी सक्रिय रहकर मामले को दबाने और नया मोड़ देने में लगे हैं। आरोपों में फंसे कथित पत्रकार गुलाम साबिर आजाद ने इस दौरान कई ऑडियो और वीडियो जारी कर वादी मुस्तकीम पर ही सवाल उठाए हैं। उसने पांच लाख रुपये देकर मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया है।
वीडियो जारी कर गुलाम ने यह भी आरोप लगाया कि उसे धर्म विशेष से जुड़ा होने के कारण फंसाया जा रहा है, जबकि मुस्तकीम ने वास्तव में पीड़ित लड़की के साथ दुष्कर्म किया था। कहा कि बिना जांच के मुकदमा दर्ज करा दिया गया। कथित पत्रकार नावेद और मुस्तकीम की रिकॉर्डिंग भी वीडियो के साथ जारी की गई है। रिकार्डिंग में मुस्तकीम जैसी आवाज में कहा जा रहा है कि पैसे वालों का कुछ नहीं होता है। तुम लोग मुझे हल्के में ले रहे थे। मेरे पांच लाख खर्च करा दिए।
एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि हनीट्रैप मामले में आरोपी लड़की की गिरफ्तारी की गई है। वह नाबालिग थी तो कोर्ट के निर्देश पर उसे गाजियाबाद भेजा गया है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं।