पंडित राधेश्याम कथावाचक की प्रतिमा
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बरेली के राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) परिसर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बने ऑडिटोरियम का नाम पंडित राधेश्याम स्मृति भवन होगा। वहां खड़ी बोली में राधेश्याम रामायण की रचना और अपनी विशेष लोक नाट्य शैली के लिए विख्यात पंडित राधेश्याम कथावाचक की प्रतिमा भी लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका अनावरण करेंगे।
पंडित राधेश्याम के रामायण में तुलसीदास रचित रामचरित मानस का रस भी है और रुहेलखंड की लोक संस्कृति की झलक भी है। यही वजह है कि तब से लेकर आज तक, हर पीढ़ी ने उन्हें और उनकी लिखी रामायण को आत्मसात किया। 25 नवंबर, 1890 को शहर के बिहारीपुर में जन्मे पंडित राधेश्याम के बारे में रंगकर्मी अस्मिता बड़ी गंभीरता से चर्चा करती हैं।
कथावाचक के परिजनों ने बताया कि लंबे समय से उनकी प्रतिमा लगवाने के लिए प्रयास कर रहे थे। अब जिला प्रशासन ने इसके लिए अनुमति दे दी है। जीआईसी ऑडिटोरियम में 450 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। मूर्तिकार संदीप पाटिल ने पंडित राधेश्याम की प्रतिमा तैयार की है। संवाद
सीएम बोले- कागज पर लिखकर दीजिए, सब हो जाएगा
पंडित राधेश्याम की पौत्री शारदा भार्गव ने बताया कि वह दो साल में मूर्ति के लिए प्रयासरत थीं। वह पहली बार पांच अक्तूबर 2024 को, फिर 22 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री से उनके निवास पर मिली थीं। मुख्यमंत्री ने कहा था कि आप सिर्फ कागज पर लिख कर दे दीजिए, सब हो जाएगा। तब उन्हें भरोसा हुआ। जिलाधिकारी ने भी कई बार बुलाकर वार्ता की और सभी जरूरी जानकारी ली। सीएम योगी बरेली आकर प्रतिमा का अनावरण करेंगे।
स्मृतियां सहेजने के लिए बनेगा संग्रहालय
परिजनों के मुताबिक, पंडित राधेश्याम की स्मृतियों को सहेजने के लिए जिला पंचायत में बने राधेश्याम भवन के एक कमरे में संग्रहालय बनाया जाएगा। उसका नाम राधेश्याम संग्रहालय होगा। इसमें उनकी तमाम स्मृतियां लोगों को देखने के लिए मिलेगी। उनका हारमोनियम भी वहीं रखा जाएगा।