राजस्व बढ़ाकर विकास की रफ्तार तेज करने को सर्किल रेट आधे करने का पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का फार्मूला योगी जी को भा जाए तो दीदी की इस ट्रिक से बात बन जाएगी। दीदी का यह फार्मूला यूपी सरकार का रेवन्यू तो बढ़ाएगा ही सरकार और बाजार को भी बड़ी राहत दे सकता है। सर्किल रेट कम होने के बाजार में एकदम रौनक आएगी। किसानों, व्यापारियों और कारोबारियों समेत समाज के सभी वर्गों के लोगों को इसका फायदा मिलेगा।
यूपी सरकार की नीति से सूबे के वे अधिकारी जरूर चिंतित हैं, जिन पर राजस्व वसूली के लक्ष्यों को पूरा करने का दबाव है। इन अधिकारियों का मानना है कि यही हाल रहा तो इस बार 50 फीसदी स्टांप बिक्री का लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पाएगा। यूपी में निबंधन विभाग के आईजी ने भी शासन को सर्किल रेट कम करने का प्रस्ताव भेज रखा है। लेकिन सरकार ने इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पश्चिम बंगाल जैसा फैसला अगर यूपी में भी लागू कर दिया जाए, वहां से भी बड़ा बूम यूपी में जमीन की खरीद-फरोख्त में आ सकता है। इससे रेवन्यू बढ़ेगा और रियल एस्टेट के कारोबार के साथ बाकी बाजारों में भी रौनक आएगी। रियल एस्टेट के साथ बाकी कारोबारों से जुड़े शहर के लोग भी ममता सरकार के फैसले का समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि सर्किल रेट कम करने के साथ रियल एस्टेट कारोबारियों में इनकम टैक्स का खौफ भी कम किया जाना चाहिए।
नोटबंदी के बाद नवरात्र में पहली बार 11.5 करोड़ की कमाई
बरेली।
नोटबंदी के आई मंदी के बाद भी नवरात्र में लोगों ने मकान, दुकान और प्लाट खरीदने में करोड़ों खर्च किए। शहर के दोनों सब रजिस्ट्रार कार्यालयों ने इस दौरान साढ़े ग्यारह करोड़ों रुपये कमाए हैं। सब रजिस्ट्रार प्रथम के यहां पूरे माह में 837 रजिस्ट्री हुईं। इसमें 551 बैनामे कराए गए। इससे 6 करोड़ 23 लाख रुपये की आमदनी हुई है। सब रजिस्ट्रार द्वितीय के यहां सितंबर में 800 रजिस्ट्री हुईं। इनसे पांच करोड़ से ज्यादा रुपये सरकार को मिले हैं।
सब रजिस्ट्रार प्रथम
नवरात्र के दिन रजिस्ट्री की संख्या आमदनी
21 सिंतबर 59 37,41460
22 सितंबर 51 22,38350
23 सितंबर 51 22,38300
25 सितंबर 52 26,14030
26 सितंबर 63 70,10970
27 सितंबर 79 53,24050
28 सितंबर 101 91,27770
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सब रजिस्ट्रार द्वितीय
नवरात्र के दिन रजिस्ट्री की संख्या आमदनी
21 सिंतबर 23 42,50890
22 सितंबर 37 27,58390
23 सितंबर 36 35,40750
25 सितंबर 55 51,33350
26 सितंबर 54 58,99410
27 सितंबर 58 51,63500
28 सितंबर 78 93,64110
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यूपी में अगर यही हाल रहा तो स्टांप शुल्क के टारगेट पूरे ही नहीं हो पाएंगे। शासन को आईजी रजिस्ट्रेशन की तरफ से सर्किल रेट को आधे करने का प्रस्ताव काफी समय पहले भेजा गया था। इसके अलावा स्टांप शुल्क बढ़ाने के लिए और भी कई विकल्प सरकार के सामने प्रस्ताव के जरिये रखे गए हैं। इनकम टैक्स के मसले पर भी विचार होना चाहिए। सर्किल रेट से राहत मिलने के बाद जमीन की खरीद-फरोख्त में एकदम से उछाल आएगा। - अमरीश त्रिपाठी, डीआईजी, रजिस्ट्रेशन
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यह तो नीतिगत फैसला है। सरकार चाहेगी तभी कुछ हो सकता है। यह स्वाभाविक है कि सर्किल रेट कम होने से जमीनें सस्ती होंगी तो खरीददार बढ़ ही जाएंगे, लेकिन इससे हमारा कोई लेनादेना नहीं है। रामगंगा नदी किनारे की जमीनों के सर्किल रेट के बारे में भी डीएम साहब ने हमसे पूछा था, लेकिन वहां की जमीनें तो काफी समय पहले बिकी हैं। किसानों को सर्किल रेटों को लेकर अगस्त में ही आपत्ति करनी चाहिए थी। - ओमप्रकाश सिंह, एआईजी स्टांप
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यूपी मेें भी सर्किल रेट कम करके सरकार को आम आदमी को राहत देनी चाहिए, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है। सरकार से इस फैसले से विकास दर बढ़ेगी। आम आदमी जमीन खरीदकर अपना घर आसानी से बना सकेगा। जनता के पास रखा पैसा बाजार में तेजी से आएगा। हर चीज मंहगी होती जा रही है। विपक्ष में बैठकर भाजपा नेता बड़ी बातें करते थे। अब महंगाई रोकने को कोई ठोस कदम उठाएं। - डॉ. एके चौहान, वरिष्ठ चिकित्सक
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सर्किल रेट आधे किए जाने के प्रस्ताव पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए क्योंकि इससे पूरे प्रदेश में जमीन की खरीद-फरोख्त बढ़ेगी। रियल स्टेट के कारोबार को भी फायदा होगा। जमीनों और फ्लैटों के बैनामा कराने के लिए सर्किल रेट के हिसाब से किसी को विक्रेता के खाते में फालतू रकम नहीं डालनी पड़ेगी। इसके बाद किसी को बिना वजह इनकम टैक्स भी नहीं देना होगा। - रमनदीप सिंह, अध्यक्ष, क्रेडाई