नावल्टी स्थित मार्केट को किया गया था सील
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बरेली में जिस गाटा संख्या को आधार बनाकर कोर्ट में अपील की गई है, उसका पहलवान साहब की मजार और मार्केट से कोई संबंध नहीं है। यह रिपोर्ट सदर तहसील प्रशासन ने नगर निगम को दी है। रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम प्रशासन का कहना है कि मजार और उससे सटा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स सड़क और नाले का हिस्सा है।
अपर नगर आयुक्त ने 14 अक्तूबर को उप जिलाधिकारी सदर को पत्र भेजकर कहा गया था कि नावल्टी चौराहे पर स्थित पहलवान साहब की मजार और उसके पास बना शॉपिंग कांप्लेक्स नगर निगम के दस्तावेजों में सड़क और नाले का हिस्सा है। शहर में 26 सितंबर को हुए बवाल के बाद नगर निगम ने शॉपिंग कांप्लेक्स को सील किया था।
इस पर अतिक्रमणकारियों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर मजार व शॉपिंग कांप्लेक्स को मकरंदपुर सरकार के गाटा संख्या 39 और 40 पर होना दर्शाया है, जो कब्रिस्तान के रूप में दर्ज हैं। सदर तहसील की ओर से गाटा संख्या 39, 40, 41 और 42 की रिपोर्ट दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक गाटा संख्या 39 और 40 का संबंधित मजार व शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से कोई लेना-देना नहीं है।