बरेली। निर्माणाधीन चौपुला पुल पर पिलर खड़े करने के लिए शुक्रवार की रात करीब एक बजे जेसीबी से खुदाई के दौरान पीएनजी की पाइप लाइन फटने से मजदूरों में हड़कंप मच गया। सेतु निगम के अफसरों के सूचना देने के बाद सीयूजीएल की पाइप लाइन बंद कर दी। रात का समय होने के कारण भगदड़ नहीं मच पाई। पाइप लाइन फटने से वहां पानी भर गया। इससे करीब 17 घंटे तक गैस व पानी की सप्लाई बंद रही। शनिवार को पानी निकालने के बाद शाम करीब छह बजे लाइन जोड़ी गई। इससे पहले भी यहीं 30 अगस्त को गैस लाइन फट चुकी है।
चौपुला फ्लाईओवर का पिलर खड़ा करने के लिए चौराहे पर जेसीबी से खुदाई कराई जा रही है। शुक्रवार रात करीब एक बजे इसी दौरान यहां पानी और पीएनजी दोनों की पाइप लाइन एक साथ फट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गैस लाइन फटने से प्रेशर के साथ गैस लीक हुई तो पानी और मिट्टी उछलने लगी। इसकी सूचना दिए जाने के बाद सेतु निगम के अफसरों ने सीयूजीएल अधिकारियों को फोन कर फौरन गैस की सप्लाई रुकवा दी। गड्ढे में पानी भर जाने की वजह से रात में पाइप लाइन की मरम्मत भी नहीं हो सकी। शनिवार सुबह जल निगम और सीयूजीएल की टीम ने यहां पहुंचकर मरम्मत शुरू की। पहले पानी की पाइप लाइन जोड़ी गई और फिर गड्ढे से पानी को निकालने के बाद शाम करीब पांच बजे गैस के पाइप को दुरुस्त हो पाई जिसके बाद गैस सप्लाई शुरू की गई। इस दौरान करीब 17 घंटे तक चौपुला से सिटी स्टेशन मार्ग पर लोगों के यहां पानी और गैस की सप्लाई बंद रही। रात होने के कारण चौपुला पर ट्रैफिक नहीं था।
करीब तीन सौ किलो गैस के रिसाव की आशंका
सीयूजीएल के एक इंजीनियर ने बताया कि लीकेज मामूली था और लीकेज होने के कुछ मिनट बाद ही सप्लाई रोक दी गई फिर भी करीब तीन सौ किलो गैस का रिसाव होने का अनुमान है। यदि लीकेज ज्यादा होती तो पांच मिनट में ही एक हजार किलो गैस का रिसाव हो जाता। इससे आग लगने का भी खतरा था।
सीयूजीएल ने की ऑनलाइन शिकायत
सीयूजीएल ने पुलिस को सेतु निगम के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत की है। इसमें कहा है कि यह 19 दिनों के अंदर दूसरी बार है जब गैस की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त की गई है। इससे पहले भी तहरीर दी थी लेकिन उस पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।