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सामूहिक दुष्कर्म कांड: आरोपियों की हैवानियत से शर्मसार हैं भगवानपुर धीमरी के लोग

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भगवानपुर धीमरी में बातचीत करते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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कहा, बाजार में भी किसी को नहीं बताते अपने गांव का नाम
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मुख्य आरोपी नरेश अब भी पुलिस की पकड़ से दूर

बरेली/रिठौरा। छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का मुख्य आरोपी नरेश को रिपोर्ट दर्ज होने के तीन दिन बाद भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। वहीं, आरोपियों की इस हैवानियत से भगवानपुर धीमरी के बाशिंदे शर्मसार हैं। उनका कहना है कि अब तो अपने गांव का नाम बताने में भी शर्म आती है। कोई पहचान लेता है तो इस घटना के बारे में सवाल करता है, लिहाजा उन्हें मुंह छिपाकर निकलना पड़ता है।
बारादरी क्षेत्र की 12वीं की छात्रा से 31 मई को धीमरी गांव के धर्मेंद्र, अनुज, विशाल, अमित, नरेश और विकास ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। छात्रा अपने दोस्त के साथ स्कूटी पर घूमने निकली थी। रास्ते में आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और इस शर्मनाक वारदात को अंजाम दे दिया। घटना की रिपोर्ट थाना इज्जतनगर में रविवार को दर्ज की गई थी। अनुज, विशाल, अमित और विकास को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेज चुकी है, लेकिन मुख्य आरोपी नरेश और धर्मेंद्र अभी फरार हैं। पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
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इस घटना से पूरा गांव शर्मसार है। धीमरी गांव में एक स्थान पर बैठे लोगों से जब इस बारे में बात की गई तो उनका कहना था कि सभी आरोपी उनके गांव के ही हैं। पास ही भगवानपुर गांव है, लेकिन दोनों गांवों का नाम एक साथ लिया जाता है। जब भी कोई बात होती है तो भगवानपुर धीमरी ही कहा जाता है। सामूहिक दुष्कर्म की इस घटना ने दोनों गांवों के लोगों को शर्मसार किया है। वे लोग जब बाजार जाते हैं और व्यापारी गांव का नाम पूछता है तो तो कोई और नाम बता देते हैं। जान पहचान की दुकान पर जाने से बचते हैं क्योंकि सभी इस घटना को लेकर सवाल करते हैं तो शर्मिंदगी महसूस होती है।

फोन करके पूछते हैं लोग तो लगती है शर्म

ग्राम प्रधान के पति राजवीर सिंह का कहना है कि इस घटना से भगवानपुर और धीमरी दोनों ही गांवों की छवि खराब हो चुकी है। अब तक तमाम लोग उन्हें फोन करके इस बारे में पूछ चुके हैं। जब भी कोई कहता है कि ऐसा करने वाले आपके ही गांव के हैं तो शर्मिंदगी महसूस होती है।

वकालत की पढ़ाई करके अपराध की दुनिया में उतरा नरेश

बरेली। सामूहिक दुष्कर्म का मुख्य आरोपी नरेश वकालत की पढ़ाई करने के बाद अपराध की दुनिया में उतर गया। सामूहिक दुष्कर्म के बाद सोमवार रात विकास की गिरफ्तारी के दौरान धर्मेंद्र के साथ वह पुलिस पर फायरिंग करके भाग निकला।
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पुलिस के मुताबिक सोमवार रात विकास के साथ नरेश और धर्मेंद्र भी मौजूद थे। जब घेराबंदी की गई तो तीनों ने फायरिंग कर दी। विकास तो पकड़ में आ गया लेकिन नरेश और धर्मेंद्र भाग निकले। गांव वालों के मुताबिक नरेश एलएलबी करने के बाद कचहरी में बैठने लगा था। इसके अलावा फरार चल रहे धर्मेंद्र ने हाईस्कूल तक पढ़ाई की है। उसके पिता की केसरपुर में सराफे की दुकान है। धर्मेंद्र अपने पिता का इकलौता बेटा है। जेल जा चुका विशाल आठवीं तक पढ़ा है और डीजे चलाता था। अन्य आरोपियों में अमित ने हाईस्कूल, अनुज ने इंटर तक पढ़ाई की है। गांव वालों का कहना है कि इन लड़कों की करतूत से उनके परिवार वाले भी शर्मसार हैं। जेल जा चुके लड़कों के परिवार वाले भी अब तक न गांव आए हैं और न ही उन्होंने किसी से संपर्क किया है। ब्यूरो
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