इसके बाद संबंधित व्यक्ति को कुछ रकम देकर बाकी राशि आरोपी चेक के माध्यम से खुद निकाल लेते थे। यह रकम गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। लखीमपुर खीरी निवासी संजीव कुमार के नाम पर 20 लाख रुपये का लोन कराया गया था। इसमें से उन्हें केवल 71 हजार रुपये दिए गए थे। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ इज्जतनगर और बदायूं में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि चार आरोपियों को जेल भेजा गया है। पांचवें की तलाश की जा रही है। विवेचना में कुछ और आरोपियों का पता लगेगा तो उनके नाम भी बढ़ाए जाएंगे। बैंक स्तर पर किसी की भूमिका गड़बड़ पाई गई तो उनके नाम भी मुकदमे में शामिल किए जाएंगे।