पहले भी हो चुके हैं हादसे
कुछ दिन पहले भमोरा क्षेत्र के ब्राह्मपुर निवासी अखिलेश यादव (19) की बाइक बल्लिया के पास सांड़ से टकरा गई थी। इसमें वह घायल हुए थे। उपचार के दौरान अखिलेश की मौत हो गई थी। क्षेत्र में छुट्टा पशुओं की समस्या लगातार बनी हुई है। उनके कारण हादसे हो रहे हैं। इससे लोगों में दहशत है। आलमपुर जाफराबाद के बीडीओ हर्षेद्र कुमार ने बताया कि ब्लॉक में दो वृहद गोशालाएं जल्द संचालित शुरू की जाएंगी। छुट्टा पशुओं को पकड़कर उसमें समाहित किया जाएगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर नल नगरिया से सिंधौली चौराहे तक छुट्टा पशुओं का झुंड बैठा रहता है। सड़क पर विचरण कर रहे पशुओं से टकराने पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इनमें कई लोग घायल हो चुके हैं। धनेटा-शीशगढ़ मार्ग पर फिरोजपुर गांव से बसई तक भी छुट्टा पशु मौजूद रहते हैं। शेरगढ़ क्षेत्र में भी छुट्टा पशुओं से राहगीर और किसान परेशान हैं। ये पशु रोजाना सड़कों पर घूमते दिखते हैं।
इस बाबत एसडीएम निधि शुक्ला ने बताया कि अधिशासी अधिकारी मीरगंज और बीडीओ मीरगंज, फतेहगंज पश्चिमी व शेरगढ़ को पत्र लिखकर छुट्टा पशुओं की समस्या से अवगत कराया है। पशुओं को पकड़ने के लिए टीमें गठित की गई हैं। छुट्टा पशुओं को सड़कों से हटाने का काम लगातार जारी रहेगा।
शीशगढ़ इलाके में दो युवक घायल
शीशगढ़ के गांव मल्साखेड़ा के पास सड़क पर छुट्टा पशु से टकराने पर बाइक सवार दो युवक घायल हो गए। सूचना पर गई पुलिस ने दोनों घायलों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इनमें एक रामपुर के खजुरिया के गांव अहरों निवासी सचिन है। छह माह पहले मानपुर स्थित खेत पर छुट्टा पशुओं के हमले में किसान की मौत हो गई थी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, ढकिया डाम चौकी से शीशगढ़ कस्बे, गांव लखा, कुतुबपुर, मानपुर तक लगभग 15 किमी दायरे में जगह-जगह छुट्टा पशुओं के झुंड मिलते हैं। इस बाबत ईओ दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि नगर पंचायत में गोशाला बनवाने के लिए शासन ने 165 लाख रुपये स्वीकृत किए थे। हालांकि भूमि विवादित होने पर निर्माण रोक दिया गया। निर्माण के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। कैटल कैचर वाहन नहीं है।