बरेली। कुतुब-ए-बरेली हजरत शाहदाना वली का उर्स अकीदत के साथ मनाया जा रहा है। उर्स के दूसरे दिन सोमवार को पुराना शहर में गागर का जुलूस निकाला गया।
जुलूस शाम को चक नवादा स्थित मरहूम अब्दुल करीम के निवास से शहजादा-ए-तहसीन मिल्लत सूफी रिजवान मियां की सरपरस्ती में रवाना हुआ। हाजी फुरकान के निवास पर दरगाह के मुतवल्ली अब्दुल वाजिद खां नूरी, सूफी रिजवान राज खां नूरी, वसी अहमद वारसी, मिर्जा मुकर्रम बेग, गुल्लन खां, मिर्जा शाहाब बेग, उस्मान अल्वी, यूसुफ इब्राहिम आदि की दस्तारबंदी की गई।
जुलूस निर्धारित रास्तों से होता हुआ हजरत शाहदाना वली की दरगाह पर पहुंचा। दरगाह पर मुतवल्ली अब्दुल वाजिद खां, बब्बू मियां ने जुलूस-ए-गागर में शामिल लोगों की दस्तारबंदी कर लंगर का तबर्रुक तक्सीम किया। रास्ते में कई जगह जुलूस का इस्तकबाल किया गया।
इससे पूर्व सुबह आस्ताने पर तिलावते कुरान-ए-पाक से उर्स कार्यक्रम की शुरूआत हुई। रात को दूरदराज से आए उलमा इकराम ने खुसूसी खिताब में सरकार शाहदाना वली की करामातों को बयान करते हुए उनकी रूहानी जिंदगी पर रोशनी डाली। देर रात 1:38 बजे मुफ्ती आजम हिंद के कुल शरीफ की फतह के बाद खुसूसी दुआ की गई।
मंगलवार को रात नौ बजे से महफिल-ए-समा होगी। उर्स की व्यवस्था में युसूफ इब्राहिम, वसी अहमद वारसी, गफूर पहलवान, मिर्जा शाहाब बेग, गुल्लन खां, अकरम वारसी, अब्दुल सलाम रजा आदि मौजूद रहे।
काजी-ए-हिंदुस्तान की ओर से पेश की गई चादर
बरेली। हजरत सरकार शाहदाना वली के उर्स के मौके पर काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी की ओर से सोमवार को चादर पेश की गई। सैयद अजीमुद्दीन अजहरी के नेतृत्व में जमात रजा का प्रतिनिधि मंडल चादर व फूल लेकर दरगाह पहुंचा। चादरपोशी के बाद हाफिज रेहान रजा ने फातिहा और मौलाना शम्स रजा ने मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और कौम की तरक्की के लिए दुआ की।