बरेली। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए शासनादेश के तहत तीन और चार जनवरी को संक्रमितों के इलाज समेत संक्रमण के रोकथाम की व्यवस्थाएं परखी जाएंगी। इसके लिए शासन ने बरेली में डीएलओ डॉ. सुदेश कुमारी को नोडल अफसर तैनात किया है। जो सुबह दस से शाम चार बजे तक कोविड अस्पताल में व्यवस्थाओं को परखेंगी और बिन्दुवार रिपोर्ट शासन को भेजेंगी।
शासन का निर्देश आने के बाद जिले के सभी कोविड अस्पतालों में अबकी बार मॉकड्रिल नहीं बल्कि फुल रिहर्सल की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार बीएसएल-2 लैब में जांच की व्यवस्था, वार्डों में बेड, तकिया, ऑक्सीजन प्रेशर, टैंक, इलेक्ट्रिसिटी, फायर सिस्टम समेत इमरजेंसी, आईसीयू, पीडियाट्रिक वार्ड, चिकित्सकों की मौजूदगी और स्टाफ की मुस्तैदी को भी रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके अलावा फ्लू कॉर्नर पर सैंपलिंग के इंतजाम, मरीजों को रिपोर्ट मिलने में लगने वाला समय और सैंपलिंग के लिए दौड़ रही टीमों द्वारा की जा रही सैंपलिंग और उसकी संख्या की भी परख होगी। लिहाजा, एलटी और फार्मासिस्ट भी मौजूद रहेंगे।
जिले में कितनी एंबुलेंस हैं, उनके संचालन की व्यवस्था, मरीजों को उसके घर से कितनी देर बाद अस्पताल पहुंचाया गया, डिस्चार्ज किए जाने की प्रक्रिया और दिए जाने वाले सुझाव की भी मुस्तैदी से निगरानी की जाएगी। खास बात यह है कि एक कोरोना संक्रमित मरीज के अस्पताल आने से लेकर उसे वार्ड में भर्ती करने तक, कितना समय लगा, इसकी विशेष निगरानी होगी। ताकि स्टाफ के प्रशिक्षण का पता चल सके। तीन सौ बेड कोविड चिकित्सालय फ्लू कॉर्नर इंचार्ज डॉ. सतीश चंद्रा ने बताया कि शासन से जारी निर्देश के तहत कोविड अस्पताल में रिहर्सल होगा। कहीं कोई कमी न रहे इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं।