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Bareilly News: सड़क के लिए मांग बुलंद करने में आधी आबादी की पूरी भागीदारी

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बरेली। सड़क निर्माण की मांग को लेकर नगर निगम परिसर में दिए गए धरने में परसाखेड़ा गौटिया और गोकिलपुर गगईया की महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। शुक्रवार दोपहर 12 बजे नगर आयुक्त ने सर्दी का हवाला देते हुए महिलाओं और बच्चों को घर भेजने की बात कही पर महिलाएं डटीं रहीं। पूर्व पार्षद सुखदीश कश्यप ने बताया कि उन्होंने नगर आयुक्त से कहा था कि धरना स्थल पर आकर वह खुद महिलाओं को घर जाने के लिए मनाएं। इस पर नगर आयुक्त ने मना करते हुए सड़क के लिए शासन में बात करने की बाह कही थी।
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पूर्व पार्षद ने नगर आयुक्त का संदेश देकर महिलाओं से घर जाने का आग्रह किया, लेकिन वे हटने के लिए राजी नहीं हुईं। महिलाओं की ही देन रही जो सड़क पर रसोई सज गई। किसी ने सब्जी काटी तो किसी ने चावल बीने। खिचड़ी पकी। सबने छकी। दोपहर की धूप गई। शाम हुई तो सर्दी ने असर दिखाया। महिलाओं से फिर आग्रह किया गया कि वे घर चली जाएं, सुबह फिर से आ जाएं। इसके बाद भी कोई हटने के लिए तैयार नहीं हुआ। बच्चों को लेकर महिलाएं रातभर डटीं रहीं। उनमें से कई के साथ तो मासूम बच्चे भी थे जो भूख से परेशान रहे।
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निगम में शामिल होने के बाद भी गांव के लिए रास्ता नहीं
गांव वाले रेल की पटरी पार करके गुजरते हैं। ट्रेन की चपेट में आने से गांव के 10 लोगों की जान भी जा चुकी है। - वीरपाल
यूपी का यह पहला गांव है जो नगर निगम की सीमा में शामिल है पर आने-जाने के लिए रास्ता नसीब नहीं हो सका। - भागीरथ
रेलवे लाइन पार करते वक्त एक बार मैं मरते-मरते बची। आवागमन में खतरा रहता है पर कोई सुनने वाला नहीं। - बाल श्री

नगर निगम का हाल: सालाना बजट 500 करोड़ पर रास्ते के लिए 1.5 करोड़ नहीं दिए
नगर निगम की ओर से वर्ष 2023-24 के लिए 550 करोड़ रुपये का बजट पास किया। इसके बावजूद 5,674 वर्ग मीटर जमीन खरीदने के लिए 1.5 करोड़ रुपये का प्रावधान नहीं किया गया, जबकि शासन ने 14 दिसंबर 2022 को ही अनापत्ति दे दी थी। अगर 2023-24 के बजट में इसका प्रावधान होता तो अब तक सड़क और अंडरपास का निर्माण हो गया होता। रेलवे 28 अगस्त 2019 को ही अंडरपास बनाने जाने पर सहमति दे चुका चुका है।
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यह है पेच
परसाखेड़ा गौटिया से मुख्य मार्ग के बीच में रेल की पटरी पड़ती है। रेलवे ने अंडरपास के लिए सहमति दे दी है, लेकिन अप्रोच रोड बनने तक इसका निर्माण कराने से इन्कार कर दिया है। अप्रोच रोड बनाने के लिए रेल पटरी के दोनों ओर किसानों की जमीन खरीदी जानी है। खेत मालिक मुआवजा लेकर जमीन देने के लिए तैयार हैं। इस पर डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होने हैं। बजट जारी न होने से अंडरपास का निर्माण अटका है।
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