बरेली। अस्पतालों में जीवन रक्षक उपकरणों के संचालन के लिए ईंधन (डीजल और पेट्रोल) की जरूरत होती है। इसकी थोक खरीद पर अस्थायी प्रतिबंध से मरीज की जान जोखिम में पड़ने की आशंका है। यह अंदेशा जताते हुए शुक्रवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बरेली शाखा ने जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र भेजकर अस्पतालों में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति के लिए अस्थायी प्रतिबंध से राहत देने का अनुरोध किया है।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. अतुल श्रीवास्तव के मुताबिक, अस्पताल आवश्यक सेवा के तहत चौबीसों घंटे काम करते हैं। जनरेटर, एंबुलेंस, ब्लड बैंक, ऑक्सीजन प्लांट, इमरजेंसी सेवा, जीवन रक्षक उपकरण संचालन के लिए ईंधन जरूरी है। आपूर्ति में बाधा से मरीजों की देखभाल और चिकित्सा सेवा प्रभावित हो सकती है।
इसलिए बरेली जोन के सभी अस्पतालों और नर्सिंग होम को अस्थायी प्रतिबंध से छूट देने की मांग की है, ताकि किसी मरीज को अप्रत्याशित जोखिम का सामना न करना पड़े।
अस्पताल संचालक के अधिकृत
पत्र, हस्ताक्षर पर ही मिले ईंधन
अध्यक्ष ने अस्पतालों को डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति सिर्फ अस्पताल संचालक के अधिकृत अनुरोध पत्र, हस्ताक्षर पर ही उपलब्ध कराने का सुझाव दिया है, ताकि किसी तरह का फर्जीवाड़ा न हो सके। कहा है कि आंधी-बारिश के दौरान कई पोल गिरने से अस्पतालों का संचालन जनरेटर के भरोसे ही हुआ। ऐसे में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति बेहद जरूरी है।
वर्जन
आईएमए अध्यक्ष से बात हुई है। अस्पतालों को डीजल दिया जाएगा। पेट्रोल किसी केन में नहीं दे सकते। जरूरत पर वाहनों में भरवा दिया जाएगा या संस्थान पर होम डिलीवरी कराई जाएगी। - मनीष कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी