बरेली। दिवाली के मौके पर मिठाई-नमकीन जैसी चीजें जरा संभलकर इस्तेमाल करें। मुनाफाखोर इन चीजों में मिलावट कर उन्हें सीधे अस्पताल पहुंचा सकते हैं। यह आशंका इसलिए भी और ज्यादा है क्योंकि जिले की एफएसडीए टीम त्योहारों के मौके पर भी चुप्पी साधे बैठी है। सोमवार को जोनल टीम ने छापा मारा तो एक टॉयलेट में मावा और कपड़े की दुकान में रखी गई खराब मिठाई की बड़ी खेप बरामद हो गई। खराब मावा और मिठाई नष्ट करा दिया गया। जोनल टीम का शहर में अभियान जारी रहेगा।
बरेली की एफएसडीए टीम ने दिखा दिया कि वह मुख्यमंत्री के आदेश की भी परवाह नहीं करती। दो दिन पहले ही सीएम ने वीडियो कांफ्रेसिंग में सभी जिलों को त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी रोकने के लिए अभियान चलाने को कहा था। इससे पहले विभागीय आयुक्त ने भी 17 से 27 अक्टूबर तक अभियान चलाने के निर्देश दिए थे लेकिन जिले के अफसरों ने दोनों आदेशों की अनदेखी कर दी। जिला प्रशासन के भी आंखें मूंद लेने की वजह से एफएसडीए टीम इधर-उधर छापे मारती रही। शहर के प्रमुख मावा बाजार की ओर रुख नहीं किया। सोमवार सुबह इसका संज्ञान लेकर मंडलायुक्त कार्यालय ने सहायक आयुक्त खाद्य संजय पांडे को छापा मारने को कहा। पांडे ने मंडल मुख्यालय पर तैनात खाद्य सुरक्षा अधिकारी सोवेंद्र सिंह और जिला टीम से भोगेंद्र प्रसाद और देवेंद्र कुमार को टीम में शामिल किया। टीम ने कुुतुबखाना के मावा बाजार में छापा मारकर खराब मावा बरामद किया। करीब 50 किलो मावा टॉयलेट में मिला, लोग इस टॉयलेट को इस्तेमाल भी कर रहे थे।
इसी बीच जानकारी मिली कि न्यू स्टाइल कलेक्शन नाम की कपड़े की दुकान में बड़ी मात्रा मिलावटी और घटिया मिठाइयां रखी गई हैं। संजय पांडे ने टीम के साथ यहां भी छापा मारा तो दुकान में रखी 954 किलो सोनपपड़ी, 200 किलो बरफी, 175 किलो मिल्क केक बरामद हुआ। इसकी कीमत करीब सवा लाख रुपये थी। इस छापे से बाजार में गहमागहमी शुरू हुई तो संजय पांडे ने एसीएम अरुणमणि त्रिपाठी से मदद मांगी और फिर नगर निगम से जेसीबी मंगवाकर सराय तल्फी में मिठाइयों को जमीन में दफन करा दिया।
रसगुल्ला, लड्डू, छेना के भरे नमूने
जिला अभिहित अधिकारी धर्मराज मिश्रा ने सोमवार को कुतुबखाना, नवाबगंज, फरीदपुर में अभियान चलवाया। इसके तहत टीम ने सोनपपड़ी, छेना, मावा, लड्डू, रसगुल्ला, केक और कंफेक्शनरी आदि ने नमूने भरे और खराब मिठाइयां आदि नष्ट करा दीं।