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अरे! 440 वाला ‘केसर’ का घेवर गायब

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घेवर - फोटो : Amar Ujala
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रक्षाबंधन से दो दिन पहले तक ‘केसर’ का जो घेवर 440 रुपये के भाव में मिठाई की कुछ दुकानों पर सबसे ज्यादा डिमांड में था, वह बुधवार को एकाएक गायब हो गया। एफएसडीए ने ब्रांडेड घेवर की तुलना में आधे से भी कम रेट पर बिक रहे इस घेवर के नमूने लेकर उसकी जांच कराने की जहमत तो नहीं उठाई लेकिन सीबीगंज इलाके में छोटे दुकानदारों पर छापे मारकर अपने सक्रिय होने का सबूत जरूर दिया। शहर की नामीगिरामी दुकानों पर उसकी मेहरबानी बनी रही।
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रक्षाबंधन और उससे पहले बकरीद के मौके पर जिले भर में रंगीन मिठाई और सेवई का करोड़ों का कारोबार होने के बावजूद एफएसडीए की टीमें मुख्य बाजारों से बचकर इधर-उधर घूमती रहीं। उधर प्रमुख दुकानों पर आराम से रंगीन मिठाइयां बिकती रहीं।

‘अमर उजाला’ ने बुधवार को रंगीन घेवर और दूसरी मिठाइयों के प्रति लोगों को आगाह किया था। खासतौर पर केसर युक्त घेवर 440 रुपये किलो के भाव में बेचने का दावा किया जा रहा था, लेकिन जब लोगों को पता चला कि इस भाव में केसरयुक्त घेवर तैयार ही नहीं हो सकता तो इसकी डिमांड एकाएक गिर गई। इस बीच एक प्रमुख प्रतिष्ठान की ओर से सिविल लाइंस के एक होटल में एफएसडीए के अफसरों के साथ बैठक कर त्योहार पर छापा न मारने के मसले पर बातचीत भी की।
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सूत्रों के मुताबिक अफसरों ने इस विशेष ‘आग्रह’ को स्वीकार भी कर लिया। नतीजा यह हुआ कि बुधवार को शहर में एक भी छापा नहीं पड़ा। कुछ महीने पहले श्यामगंज की एक दुकान से देसी घी का लड्डू नमूना लिया गया था जो लैब में पास नहीं हो पाया था। फिर भी अफसरों ने इस बार श्यामगंज में झांका तक नहीं।

रंग का मिश्रण करने की तकनीक ही नहीं पता
शहर के ज्यादातर बड़े प्रतिष्ठानों पर मिठाइयों में निर्धारित मात्रा में खाद्य रंग मिलाने की तकनीक का इस्तेमाल ही नहीं होता। एफएसएसआई से स्वीकृत खाद्य रंग निर्धारित तकनीक के जरिये ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसके लिए भौतिक तुला की जरूरत पड़ती है। एफएसडीए भी इस पर कोई ध्यान नहीं देता।

बाजार में देर रात तक भीड़
श्यामगंज पीली कोठी हो या फिर बिहारीपुर, सभी स्थानों पर मिठाई दुकानों पर देर रात तक ग्राहक जमे रहे। रात नौ बजे के बाद यह स्थिति हो गई कि मांग के अनुरूप मिठाईंयों की वैरायटी नहीं मिल पाई। ग्रामीण इलाकों के साथ ही गली मोहल्लों में यही स्थिति रही, बस स्टेशन और तमाम सार्वजनिक स्थानों पर भी ठेलों पर मिठाईंयां बिकती रहीं। कई स्थानों पर नालों पर अतिक्रमण कर गंदगी के बीच कारोबार होता रहा। कारोबारी पंकज माहेश्वरी बताते हैं कि पिछले सालों से इस बार जिले में रिकार्ड बिक्री हुई है। जिन स्थानों पर मिठाईंयों की दुकानें हैं वहां पर ग्राहकों की भीड़ से घंटों यातायात प्रभावित रहा।

शहर से दूर सीबीगंज में छापे
एफएसडीए ने सीबीगंज के दूरस्थ इलाकों में सैंपल भरे। गुप्ता स्वीट्स से बेसन लड्ड, मथुरापुर में करन स्वीट्स से छेना मिठाई का नमूना भरा। छापा टीम के पहुंचने की खबर लगते ही दुकानदारों में हड़कंप मच गया। टीम में खाद्य अधिकारी मोनिका गुप्ता, अशोक कुमार और केपी सिंह आदि शामिल रहे।
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