सेना में फर्जी पते पर भर्ती होने वाले लड़कों को जेल भेजकर कैंट पुलिस ने तो खानापूरी कर दी। यह मामला अब क्राइम ब्रांच के पास पहुंच गया है। कोर्ट ने आरोपियों की जमानत अर्जी की सुनवाई करने के दौरान क्राइम ब्रांच से उनके असली पते मांगे हैं। टीम आरोपियों के पते तलाशने में जुटी हुई है। तीन लोगों के पते टीम ने जुटा भी लिए हैं। पांच आरोपियों का असली पता लगाने के लिए टीम लखीमपुर गई है। कुछ आरोपियों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों से उनके असली पते तलाशने की कवायद की जा रही है। क्राइम ब्रांच उन स्कूल, कॉलेजों से आरोपियों के पते जुटाएगी, जहां के उन्होंने शैक्षिक प्रमाण पत्र लगवाए हैं।
क्राइम ब्रांच की हीनियस क्राइम यूनिट के प्रभारी राजीव शर्मा ने बताया कि अब टीम आरोपी संदीप सिंह, राहुल, श्याम सिंह, सुमित कुमार, अमर यादव का मूल निवास प्रमाण पत्र के आधार पर दिया गया पता तस्दीक करने के लिए लखीमपुर खीरी गई है। इसके बाद टीम पीलीभीत और बदायूं भी जाएगी। इंस्पेक्टर राजीव शर्मा ने बताया कि दो फरवरी तक सभी आरोपियों के पते तस्दीक कर अदालत में रिपोर्ट भेजनी है। इसीलिए इनका सत्यापन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आगरा के गढ़ी शहजा के विश्वेंद्र सिंह ने मीरगंज का निवासी बताते हुए फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र सेना भर्ती में लगाया था, जबकि भमोरा के कटका रमन के राघवेंद्र उर्फ टिंकू का इंटरमीडिएट और हाईस्कूल का अंक पत्र जांच में जनता इंटर कॉलेज बुलंदशहर से जारी होना नहीं पाया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों के पते तस्दीक करके रिपोर्ट अदालत में पेश करने के बाद गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में छानबीन की जाएगी।