हमले के बाद मिली बंदूक ले जाने की मंजूरी
रुहेलखंड की सरजमीं पर रुहेला सरदारों ने अंग्रेजों की नाक में दम कर रखा था। बताते हैं कि रुहेलों को पहले चर्च में बंदूक ले जाने की इजाजत नहीं थी। मगर इस हमले से कांपे अंग्रेजों ने रुहेला सरदारों को चर्च में बंदूक ले जाने की मंजूरी दी थी। बंदूक टांगने के लिए चर्च में नई बैंच लगाई गई। जिसमे बंदूक टांगने का कुंडा भी लगाया गया। बेंच में भी संगीन रखने के लिए जगह बनाई गई।