बरेली। महिलाओं को गर्भाशय कैंसर के प्रति सुरक्षा कवच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निशुल्क सर्वाइकल (एचपीवी) टीकाकरण की कवायद तेज कर दी है। प्राथमिक चरण में कोल्ड चेन प्वॉइंट और सीएचसी पर टीकाकरण होगा। मार्च में स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण और संवेदीकरण होगा।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन के मुताबिक सर्वाइकल टीकाकरण के लिए शासन स्तर से वर्चुअल बैठक के बाद एचपीवी वैक्सीनेशन मुहिम की गाइडलाइंस जारी की है। इसके अनुसार मार्च में एएनएम, आशा कार्यकर्ता को टेक्निकल और ऑपरेशनल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन्हें टारगेट ग्रुप (किशोरी जिनका 14वां जन्मदिन पूरा हुआ, लेकिन 15 वर्ष की नहीं हैं) को गार्डासिल-4 (क्वाड्रिवैलेंट) टीका लगाने की जानकारी देंगे। टीके 0.5 एमएल की सिंगल डोज बायीं बांह पर लगेगी। वैक्सीन दो से आठ डिग्री सेंटीग्रेड पर रखना होगा। प्रतिदिन टीकाकरण यूविन पोर्टल पर अपडेट के बाद वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा। रोजाना संबंधित केंद्र पर सुबह नौ से शाम चार बजे तक वैक्सीन लगेगी।
टीकाकरण टीम में सीनियर स्टाफ नर्स, एएनएम या वैक्सीनेटर, आशा कार्यकर्ता, फैसिलिटी स्टाफ, सीएचओ और वॉलंटियर की निगरानी होगी।
प्रदेश की 46 लाख किशोरी के टीकाकरण का लक्ष्य
शनिवार को राजस्थान के अजमेर में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान का प्रसारण कलक्ट्रेट सभागार में डीएम अविनाश सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने देखा। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश की 46 लाख किशोरियों को टीका करण का लक्ष्य है। टीका सुरक्षित और निशुल्क लगाया जाएगा। बताया टीकाकरण संबंधी शासन से जारी निर्देशों का अनुपालन कराया जाएगा।