बरेली। भोजीपुरा पुलिस ने फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 13 फर्जी कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। यह गिरोह अपात्र लोगों से 35-40 हजार रुपये लेकर फर्जी कार्ड बनाता था और सरकारी योजना से भुगतान भी लेता था।
एसपी उत्तरी मुकेश मिश्रा ने बुधवार को बताया कि नवाबगंज के हरप्रसाद की बेटी के इलाज के लिए बनाए गए फर्जी कार्ड की असलियत ऋषिकेश एम्स में सामने आई। वहां जांच में यह कार्ड फर्जी पाया गया, जबकि आरोपियों ने हरप्रसाद से कार्ड के बदले 47 हजार रुपये लिए थे। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आधार और राशन कार्ड में छेड़खानी कर फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाते थे। इन कार्डों से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अस्पतालों में इलाज मिलने का दावा किया जाता था। पुलिस ने इस मामले को संगठित अपराध मानते हुए बीएनएस की धारा 111 भी लगाई है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
एसपी उत्तरी ने बताया कि बुधवार सुबह भोजीपुरा थाना पुलिस ने मेडिकल कॉलेज के पीछे से अभयपुर बैकुंठापुर निवासी आबिद व सलमान, रम्पुरा माफी निवासी अफरोज, इज्जतनगर के फरीदापुर निवासी अरमान, देवरनिया के वसुधरन जागीर निवासी देशरत्न को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में सात मोबाइल फोन, 13 फर्जी आयुष्मान कार्ड और छह फर्जी आधार कार्ड मिले। फर्जी राशन कार्ड की 22 छाया प्रतियां और 2700 रुपये भी बरामद हुए। आरोपी मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन एप के जरिये आधार, राशन और आयुष्मान कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया करते थे। उनके खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना समेत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है।
अस्पताल कर्मियों की मिलीभगत आई सामने
एसपी उत्तरी ने बताया कि यह गिरोह फर्जी कार्ड बनाने के साथ ही अस्पतालों से भी भुगतान हासिल करता था। प्राथमिकी में मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी नितिन और नरेश का भी नाम है। इसी मेडिकल कॉलेज व अन्य निजी अस्पताल से जुड़े कुछ लोग भी इसमें शामिल हैं, जिनके नाम विवेचना में खोले जाएंगे। संभल सीएमओ कार्यालय से जुड़ा नरेश नाम का व्यक्ति आरोपियों का मददगार है। पुलिस अब इस नेटवर्क की कड़ियों की जांच कर रही है। जल्दी ही और भी गिरफ्तारियां की जाएंगी।