ऐसे पता चला फर्जीवाड़ा
कुछ दिनों में कार को अमोल के नाम ट्रांसफर करने का आश्वासन दिया। अमोल ने कार का बीमा भी करा लिया। 2021 में कार गुरुग्राम से चोरी हो गई। अमोल ने बीमा कंपनी में क्लेम के लिए आवेदन किया तो उनके नाम पंजीकरण न होने से आवेदन खारिज कर दिया गया।
अमोल ने अनुराग, विक्रांत, कोटक महिंद्रा बैंक सिविल लाइन शाखा के कर्मचारी दीपक और बैंक प्रबंधक से नुकसान की भरपाई के लिए कहा। इन लोगों ने भरपाई करने से मना कर दिया। नोटिस भेजा तो उसका भी जवाब नहीं दिया। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कंपनी ने बरेली में किया है 300 करोड़ रुपये का घोटाला
बेची गई कार जिस मेसर्स श्री गंगा इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम दर्ज है, वह कंपनी बरेली में निवेशकों को 300 करोड़ रुपये का चूना लगा चुकी है। कंपनी के एमडी के लग्जरी कारों का काफिला था। इस मामले में शातिरों ने न्यायालय से कंपनी की कार रिलीज करवाकर कमांडर को बेच दी।
न्यायालय जब गाड़ी रिलीज का आदेश करता है तो गाड़ी को बेचने और खुर्द बुर्द करने से रोकने के लिए आदेश में शर्तों का जिक्र करता है। शातिरों ने न्यायालय के आदेश को अनदेखा कर गाड़ी कमांडो को बेच दी। कोतवाली पुलिस न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है।