बरेली। जिला सहकारी बैंक के घोटालेबाज अधिकारियों ने फरीदपुर शाखा में साफ-सफाई करने वाले चंदन को भी नहीं बख्शा। उसके नाम से खाता खोलकर उसमें दो लोगों के आधार मैप कर दिया। इन दोनों आधारों के जरिये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से खाते में 12-12 हजार रुपये विधवा पेंशन आ गई। घोटालेबाज इसे निकालकर हजम कर गए। पुलिस प्रकरण की पड़ताल करने बैंक पहुंची और चंदन को थाने लाकर पूछताछ की तो इसका पता चला। डरा-सहमा चंदन इन दिनों बैंक भी नहीं आ रहा है।
फरीदपुर शाखा के प्रबंधक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि तीन दिन पहले फरीदपुर थाने के दरोगा चंदन की पासबुक में इंट्री के संबंध में पूछताछ करने बैंक आए थे। वह पूछताछ के लिए चंदन को थाने भी ले गए थे। इसके बाद वह बैंक में सफाई करने भी नहीं आया है। उधर, जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक देवेंद्र सिंह ने बताया कि फरीदपुर शाखा में चंदन के खाते में मैप आधार के बारे में जानकारी नहीं है।
बताया कि कैशियर दीपक पांडेय ने 10 जनवरी 2022 को अपनी यूजर आईडी से चंदन के नाम का खाता बैंक में खोला था। दूसरे कैशियर चंद्र प्रकाश गंगवार ने अपनी यूजर आईडी से उसे अधिकृत किया था। इसमें 15 फरवरी 2025 को दो अन्य आधार मैप कर विधवा पेंशन मंगाई गई थी। इसी तरह घोटालेबाजों ने काफी संख्या में पुरुषों के नाम पर खुले पुराने निष्क्रिय खातों को सक्रिय किया। कुछ नए फर्जी खाते भी खोले। इनमें विधवा पेंशन प्राप्त कर गबन किया। फरीदपुर शाखा में 3388 खातों में एक से अधिक आधार मैप कर 1.31 करोड़ रुपये का गबन किया गया है। संवाद
कई वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच सकती है जांच की आंच
फरीदपुर थानाध्यक्ष राधेश्याम ने बताया कि घोटाले के संबंध में अभी विवेचना शुरू नहीं हो पाई है। देवरनियां थानाध्यक्ष आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि मामले की जांच एसएसआई कर रहे हैं। बैंक अधिकारी ने जो जांच रिपोर्ट दी है, वह पर्याप्त नहीं है। विवेचना के दौरान उसकी सत्यता परखी जाएगी, फिर आरोपियों को नोटिस देकर जवाब लेंगे। यह भी तय किया जाएगा कि इनकी माॅनीटरिंग कर रहे अधिकारियों की क्या भूमिका रही? अगर संदिग्ध पाई गई तो उनके नाम भी विवेचना में शामिल किए जा सकते हैं।