बरेली। एडीजी जोन रमित शर्मा ने जोन के जिलों में जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण को सुनिश्चित करने के लिए राजपत्रित स्तर के पुलिस अफसरों की वीडियो कांफ्रेंसिंग की। निर्देश दिए कि लापरवाही की स्थिति में गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। शासन की प्राथमिकता के काम में फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा।
दरअसल, एडीजी जोन के पास इस तरह की शिकायतें आ रही थीं कि आइजीआरएस व अन्य तरीकों से की गई शिकायतों पर विवेचक या जांच अधिकारी बिना मौके पर जाए, सत्यता परखे मनमाने तरीके से रिपोर्ट लगा देते हैं। ऐसे में एडीजी ने डीआईजी बरेली व मुरादाबाद के साथ ही नौ जिलों के पुलिस अधीक्षकों, 20 अपर पुलिस अधीक्षक व 52 सीओ और उनके कार्यालय में कार्यरत कर्मियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग से संबोधित किया। ब्यूरो
चार्जशीट और एफआर तत्काल कोर्ट में भेजें
एडीजी ने बेवजह थानों में लंबित आरोप पत्र और एफआर को व्यक्तिगत रुचि लेकर समय से कोर्ट में दाखिल करने का निर्देश दिया। मीडिया से समन्वय व संवाद बेहतर रखने के लिए कहा।