पहले फरीदपुर में तैनात रह चुके बहेड़ी थाने के सिपाही ने वसूली की खातिर प्लान बनाकर फरीदपुर कस्बा प्रभारी और एक सिपाही को साथ लेकर बूरा फैक्टरी में छापा मारा। यहां 20 लाख में डीलिंग की कोशिश की गई पर फैक्टरी मालिक की शिकायत में आरोप सही पाए जाने पर एसएसपी ने तीनों को सस्पेंड कर दिया।
फरीदपुर में हाईवे पर हरियाली बाजार के सामने एमएम बूरा फैक्टरी में 28 दिसंबर को कस्बा प्रभारी दरोगा संजीव शर्मा, हेड कांस्टेबल विवेक शुक्ला और कांस्टेबल विनय ने छापा मारा। इनके साथ बहेड़ी पुलिस का दीवान शिवकुमार भी था।
पुलिस का आरोप था कि फैक्टरी में बूरा को सफेद करने के लिए प्रतिबंधित केमिकल्स का प्रयोग किया जा रहा है। पुलिस टीम ने एक बाल्टी और कट्टा में भरा केमिकल कब्जे में ले लिया। फैक्टरी मालिक को धमकाकर 20 लाख रुपये की मांग की, लेकिन दो लाख रुपये में सौदा तय हो गया।
बताते हैं कि फैक्टरी मालिक ने एसएसपी से इस संबंध में शिकायत कर दी कि उनके यहां कोई गलत केमिकल नहीं है। पुलिस ने उगाही के लिए ड्रामा किया है। एसएसपी ने जांच कराई तो वसूली के लिए छापा मारने की पुष्टि हुई। इसके बाद गुरुवार को एसएसपी ने दरोगा समेत चारों को निलंबित कर दिया।
फरीदपुर के दरोगा और सिपाही बहेड़ी थाने के दीवान के साथ फैक्टरी में छापा मारने गए थे। नियमानुसार पुलिस इस तरह छापा नहीं मार सकती। अचानक कभी कुछ करना भी पड़ता है तो अधिकारियों और संबंधित विभाग को सूचना देनी होती है। आरोपों की पुष्टि के बाद सभी को निलंबित किया गया है।
- शैलेश पांडेय, एसएसपी